तेजस्वी यादव, डिप्टी सीएम, बिहार
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पटनाः लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अभी से ही विपक्षी लेकर को लगातार बात की जा रही है और इसी बीच बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुहिम को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठा लिया है। नीतीश कुमार की अबतक की मुहिम में कोई खास सफलता नहीं मिलने के बाद तेजस्वी यादव लगातार विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि विपक्ष को एकजुट करने की इस मुहिम में कांग्रेस खुलकर सामने नहीं आई है। पटना में भाकपा माले के मंच से डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कांग्रेस को बड़ी नसीहत दे दी है।

भाकपा माले के तीन दिवसीय अधिवेशन में विपक्षी पार्टियों का जुटान हुआ है। इस अधिवेशन में वाम दलों के साथ साथ महागठबंधन के सभी दलों के नेता शामिल हो रहे हैं। अधिवेशन के अंतिम दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ साथ कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए। मंच से अधिवेशन को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कांग्रेस को बड़ी नसीहत दे दी है। तेजस्वी ने कहा है कि बीजेपी के खिलाफ सभी दल एकजुट हो रहे हैं लेकिन कांग्रेस की तरफ से विपक्षी एकजुटता को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है।

तेजस्वी यादव ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की सत्ता से बीजेपी को उखाड़ फेंकने के लिए सभी विपक्षी दल एकजुटता को तैयार हैं लेकिन कांग्रेस की तरफ से विपक्षी एकजुटता को लेकर ठोस पहल नहीं की जा रही है। तेजस्वी ने कांग्रेस से एकजुटता के लिए पहल करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस का जहां सीधा मुकाबला बीजेपी के साथ है वहां वह टक्कर ले लेकिन जिन जगहों पर दूसरे दल बीजेपी को टक्कर देने वाले हैं वहां रीजनल पार्टियों को ड्राइविंग सीट पर आने दे। तेजस्वी ने कहा कि विपक्षी एकजुटता के लिए कांग्रेस को अब देर नहीं करनी चाहिए।

बता दें कि एनडीए से अलग होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टुकड़ों में बंटे विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम शुरू कर दी थी। इसी मुहिम के तहत नीतीश तीन दिनों तक दिल्ली प्रवास पर रहे थे और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ साथ तमाम विपक्षी दलों के बड़े नेताओं से मुलाकात की थी। हालांकि सोनिया गांधी से लालू और नीतीश की मुलाकात की तस्वीरें सामने नहीं आने पर खूब राजनीति हुई थी। बीजेपी ने कहा था कि सोनिया गांधी ने बिना मुलाकात किए ही लालू और नीतीश को दरवाजे से ही लौटा दिया। इसके बाद से विपक्षी एकजुटता की मुहिम ठंडी पड़ती दिख रही थी हालांकि बीच बीच में एकजुटता को दिखाने के लिए नीतीश और तेजस्वी की मुलाकात विपक्षी दलों के नेताओं से होती रही।

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