- Advertisement -

स्थानीय महेंद्रू कमला देवी स्थान स्थित शारदा सदन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यकर्म संस्था की ओर सेनेटरी नैपकिन पैड यूनिट का आज केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद पद्मश्री डॉ सीपी ठाकुर के हाथों लगाया गया। आरंभ है हितार्थ फंडेशन पटना के संस्थापक सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि हमारी संस्था विगत कई वर्षों से कई ऐसे स्वाबलंबन का काम किया है जिसमें बेरोजगारों को रोजगार देते हुए उनको स्वावलंबन बनाने का काम किया। साथ ही इस तारीख को जोड़ते हुए जितेंद्र जी ने बताया कि हमारी संस्था विगत दिनों महिलाओं को स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ जोड़ करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए और महिलाओं की शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए और स्वस्थ शरीर रखने के लिए न्यूली सेनेटरी नैपकिन पैड का कारखाना का आज शुभारंभ किया है। इस अवसर पर डॉ सीपी ठाकुर ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु तत्पर हुई। अभियान और शुभारंभ कारखाना का उद्घाटन करते हुए भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मश्री डॉक्टर सी पी ठाकुर ने कहा कि हमारी साइकिल के दो पहिए हैं उसी तरह से हमारे जीवन को आगे बढ़ाने में महिलाओं का उसी तरह से योगदान है महिलाएं यदि सशक्त होंगी तो हम सभी सशक्त होंगे। हम यदि महिलाओं का अनादर करेंगे तो हमारी भी अनादर होगी।

आगे श्री ठाकुर ने कहा कि बहुत खुशी की बात है हीतार्थ फाउंडेशन पटना विगत वर्षों से महिला के स्वावलंबन और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अच्छा काम कर रही है। स्वाम सहायता समूह उन्हें रोजगार देने का काम करती है साथ ही इससे जुड़े हुए लोगों ने काफी अपने घर अपने परिवार को आगे बढ़ाने में विकसित करने में करो ना जैसे काल में जिस तरह से हितार्थ संस्था ने मास्क बनाने का काम किया जो सेवा भावना से लोगों ने जाना । संस्था की ओर से कुलवंती देवी, अशोक कुमार, अमरीश कुमार, सत्य प्रकाश, नीलम देवी संत जी इत्यादि लोगों ने भी समारोह को संबोधित किया। साथ ही महिला के कल्याण के लिए महिला समाज सेविका अंजू जी ने अपने उद्बोधन में कहा की महिलाओं को आगे बढ़ाना होगा महिला के आगे बढ़ने पर हमारा समाज, प्रदेश और राष्ट्र का विकास होगा।

इस अवसर पर कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया ताकि आगंतुक सभी महिलाओं का मनोरंजन हो सके। इस अवसर पर युवा कवि आदित्य पांडे, वेद प्रकाश, निशांत कश्यप, मनीष चंद्र, नीरज कुमार, अटल निधि सिंह और रानू ने अपनी कविताओं से लोगों को एहसास कराया कि हम भी बड़ों कवियों से कम नहीं है। साथी धन्यवाद ज्ञापन प्रीति जी ने किया।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here