चोरी का मोबाइल अनलॉक कर बेचने वाले 3 शातिर गिरफ्तार विदेशी सॉफ्टवेयर से अनलॉक करते थे फोन, बिक्री के लिए बदल देते थे आईएमईआई

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मुजफ्फरपुर, संवाददाता
मुजफ्फरपुर जिले में चोरी किए गए मोबाइल फोन को विदेशी सॉफ्टवेयर की मदद से अनलॉक कर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में रेल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैब बरामद किया है।
रेल डीएसपी रौशन कुमार गुप्ता ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 28 मार्च 2025 को नारायणपुर स्टेशन के फाटक नंबर 99 के पास मोबाइल छिनतई की घटना घटी थी। पीड़ित ओमप्रकाश, जो झंझारपुर से हाजीपुर जा रहे थे, का मोबाइल स्टेशन के पास छीन लिया गया था। मामले की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रेल पुलिस ने जांच शुरू की और एक आरोपी त्रिभुवन कुमार को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में त्रिभुवन ने खुलासा किया कि उसने यह मोबाइल शहर के अप्सरा मार्केट स्थित कैफ़ी मोबाइल शॉप से 6,500 रुपये में खरीदा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने दुकान पर छापेमारी की, जहां से 33 चोरी के मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैब बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो अन्य आरोपियों रोहित कुमार सिंह और कूदन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि दुकान संचालक मोहम्मद कैफ़ी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि इस दुकान में चोरी के मोबाइल को लैपटॉप और विदेशी सॉफ्टवेयर की मदद से अनलॉक कर कम कीमतों में बेचा जाता था। जब्त किए गए सभी मोबाइलों के लिए दुकानदार कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। रेल पुलिस की जांच में यह पता चला है कि इस गिरोह के सदस्य चोरी किए गए मोबाइल फोन को विदेशी सॉफ्टवेयर की मदद से अनलॉक कर देते थे, जिससे वे पुनः इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाते थे। इसके बाद इन्हें कम दामों में बाजार में बेचा जाता था। रेल पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, ताकि चोरी और अवैध मोबाइल व्यापार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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