पैरों की लाचारी पर भारी लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी, कोई लाठी के सहारे तो कोई व्हीलचेयर पर पहुंचा

By Team Live Bihar 67 Views
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बिहार में तीसरे और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। सुबह से ही लोगों में वोटिंग को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। बूथों पर लंबी लंबी कतारें लगी हुई हैं। इन कतारों के बीच कुछ ऐसे लोग भी दिखाई दिये जो ठीक से चल भी नहीं सकते। इसके बाद भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंचे। व्हीलचेयर और लाठी के सहारे भी वोट देने लोग पहुंचे। एक बुजुर्ग को तो उनके परिवार के लोग खाट पर लिटाकर वोट डलवाने पहुंचे।

किशनगंज विधानसभा के प्रताप मध्य विद्यालय बूथ संख्या 553 पर वोट बुजुर्ग महिला व्हील चेयर पर पहुंचीं। उनके परिवार के लोगों ने कहा कि हमेशा मां ने वोट डाला है। इस बार चलने में उन्हें दिक्कत हो रही थी इसलिए व्हील चेयर का इस्तेमाल करना पड़ा। मतदान केंद्र पर बुजुर्ग महिला की मदद वहां खड़ी कैडेट ने भी किया। वोट डालने के बाद बुजुर्ग के चेहरे पर युवाओं की तरह उत्साह भी दिखाई दिया। कहा कि सभी को अपने मताधिकार का जरूर इस्तेमाल करना चाहिए।

अररिया के नरपतगंज में एक 90 वर्षीया फुलिया देवी ठीक से चल नहीं पाती हैं। इसके बाद भी वोट देने पहुंचीं। वह लाठी के सहारे धीरे-धीरे वोट देने पहुंची। उन्होंने बताया कि घुटनों में दिक्कत के कारण खड़े होने में भी परेशानी होती है। इसके बाद भी वह अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंची। इस तरह का नजारा तीसरे चरण के चुनाव में तमाम बूथों पर दिखाई दे रहा है। लोगों में वोट को लेकर खास उत्साह है।

कटिहार में खाट पर लिटाकर एक बुजुर्ग को वोट दिलाने लाया गया। उनकी तबीयत काफी समय से खराब है। इसके बाद भी परिवार के लोग उन्हें वोट दिलाने लेकर आए। बुजुर्ग के एक हाथ में डिप भी लगा हुआ था। डिप की बोतल उनका पोता पकड़े हुए था और बेटों ने बुजुर्ग पिता को सहारा देकर बूथ के अंदर तक पहुंचाया। वोट को लेकर बुजुर्ग का जज्बा देखकर हर को तारीफ कर रहा था।

तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। लगभग हर जगह महिलाओं की लंबी लंबी कतारें दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे महिलाएं पिछले सभी रिकार्ड इस चरण में ध्वस्त कर देंगी। इससे पहले के दो चरणों में भी महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में ज्यादा वोटिंग की थी। दूसरे चरण में जहां पुरुषों ने करीब 50 तो महिलाओं ने 58 प्रतिशत मतदान किया था। कुछ विधानसभा सीटों पर तो यह फासला 17 प्रतिशत तक का था। अंतिम चरण के लिए वोट देने पहुंच रही महिलाओं में न सिर्फ युवा हैं बल्कि बुजुर्ग महिलाओं की संख्या भी बहुत ज्यादा है।

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