जमुई, संवाददाता
जमुई में आग से सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है। यहां 21 लाख की आबादी वाले जिले में केवल 11 अग्निशमन वाहन हैं। इनमें 3 बड़ी और 8 छोटी गाड़ियां शामिल हैं। इन सभी गाड़ियों का संचालन 12 चालकों के भरोसे है।
स्थिति और गंभीर इसलिए है क्योंकि दो बड़ी गाड़ियां 17 साल पुरानी हैं। इन गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट भी फेल हो चुका है। छोटी गाड़ियां 2016-17 में खरीदी गई थीं। फायर ऑफिस में वर्तमान में 2 बड़ी और 1 छोटी गाड़ी इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात हैं। बाकी गाड़ियां जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रखी गई हैं।
एक बड़ी समस्या यह है कि जिले का अग्निशमन कार्यालय शहर से 6 किलोमीटर दूर है। इस कारण आग लगने की घटनाओं में समय पर पहुंचना मुश्किल होता है। विभाग में कुल 41 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 24 नए और 2 पुराने कर्मी हैं। 12 चालक और 2 कर्मचारी पटना कार्यालय में तैनात हैं।
अग्निशमन पदाधिकारी शिवानी कुमारी का कहना है कि विभाग हर परिस्थिति के लिए तैयार है। उनके अनुसार सभी गाड़ियां सामान्य स्थिति में हैं। फसल कटाई के मौसम में ग्रामीण इलाकों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। सबसे अधिक आग की घटनाएं खैरा थाना क्षेत्र में होती हैं। विभाग ने 2-3 नई गाड़ियों की मांग की है, जो जल्द उपलब्ध हो सकती हैं।
जमुई में 21 लाख की आबादी पर मात्र 11 फायर इंजन
