अभिनय आकाश
वक्त बदला, हालात बदले, जज्बात बदले। पाकिस्तान के साथ अचानक से सीजफायर होने के बाद इस बात को लेकर हुए भारत में बहुत सारे लोग मायूस हुए। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाएंगे कि उसका असल इलाज हो जाएगा। हमने पाकिस्तान को सबक सिखाया भी। लेकिन लोगों को लग रहा है कि आखिर में जो दो तीन थप्पड़ और लगने चाहिए थे, वो लग नहीं पाए। लेकिन पर्दे के पीछे क्या हुआ है? भारत ने सीजफायर क्यों किया, किस वजह से किया, क्या किसी के प्रेशर में किया? लेकिन इतना तो पता है कि पाकिस्तान किसी भी किस्म का सीजफायर मानने वाली नस्ल तो नहीं है। जो देश भारत से चार-चार बार 1965 में 49 दिन, 1971 की लड़ाई 13 दिन व करगिल युद्ध 85 दिन चला। इस बार चार दिनों में घुटनों पर ला दिया गया। लेकिन फिर भी बाज नहीं आ रहा। जो देश अमेरिका से पैसे लेने के बावजूद ओसामा बिन लादेन को अपने देश में पनाह देता है। जिस देश में आतंकी की मौत पर जुलूस निकाला जाता है और उसमें सेना और पुलिस अधिकारी शामिल होते हैं। जिस देश की मिलिट्री के स्टेट प्रेसिजेंट के पिता यूनाइटेड नेशन का लिस्टेड आतंकवादी हो। जिस देश का रक्षा मंत्री खुद टीवी पर ये कबूल करता है कि उन लोगों ने तीस सालों तक आतंकवादी तैयार किए। उस देश के लिए ये मान लेना कि वो रातों रात सुधर जाएगा और नेकी के राह पर चलने लगेगा ये बेमानी है।
अभी हुआ ये कि हमने उसके 9 ठिकानों पर हमले किए। उसके एयर बेस को भी टारगेट कर दिया। लेकिन इतने पर भी वो मानने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान इस सीजफायर को अपनी जीत बता रहा है। वहां का प्रधानमंत्री लोगों को जश्न मनाने के लिए बोल रहा है। हमने उनके आर्मी और एयफोर्स के दर्जनभर ठिकाने बर्बाद कर दिए। फिर भी शहबाज शरीफ अपने जिहादी जनरल आसिम मुनीर को बधाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल की वो क्या बदलाव थे, जिसकी वजह से ये कहा जा रहा है कि कुछ छिपाया जा रहा है। 9 मई को को ऑपरेशन सिंदूर के तहत जब हमने पाकिस्तान के 11 हवाई अड्डे को नष्ट किया तो सारे टीवी चैनल्य पर खबर छा गई। हमारे ब्रह्मोस का जिक्र करके तारीफ की जा रही थी। भारत में जोश बहुत हाई था। इसी बीच खबर आई कि पाकिस्तान में किनारा हिल्स सरगोधा के पास भी भारतीय सेना ने हमला किया। भारत की मिसाइल ब्रह्मोस गई है। ऐसे में कहा जा रहा है कि सरगोधा में ऐसा क्या है जिसने अमेरिका और पकिस्तान दोनों को हिल कर रख दिया।
सरगोधा वो इलाका है जिसको माना जाता है कि पाकिस्तान यहां अपने परमाणु हथियार रखता है। इसी बीच में भूकंप के झटके की भी खबर आई। ये माना गया कि भारत ने हमला किया। शायद उसकी वजह से भूकंप आया और पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका था। पाकिस्तान के अंत की बात मानी जा रही थी। लेकिन 10 मई की सुबह सब बदल गया। परमाणु ठिकाने पर हमले वाली खबर गायब हो गई। उसके बाद सोशल मीडिया, टीवी पर ऑफिशियल लोग थे उनकी आवाज और स्टैंड चेंज होने लगा। यहीं से सवाल उठने लगे कि क्या कुछ छिपाया जा रहा है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसे शांति का कदम बता दिया। जबकि थोड़ी देर पहले वो सख्त रुख अख्तियार करते नजर आ रहे थे। मंत्री खामोश थे। किसी भी मंत्री ने कोई भी ऐसा बड़ा बयान नहीं दिया। जबकि पाकिस्तान को लेकर आम तौर पर लोग वोकल होते हैं।
सरगोधा एयरबेस पर अमेरिका के एफ 16 भी हैं। एफ 16 के मेंटेनेंस के लिए और उसका इस्तेमाल केवल काउंटर टेरर के लिए ही किया जाता है। अमेरिका ने जो उन्हें एफ-16 दिए हैं, जिसके लिए ट्रंप ने अभी 390 मिलियन डॉलर रिलीज किए हैं। जब सरगोधा एयरबेस पर अटैक किया गया, तो उसकी एस्ट्रेप, कमिनिकेशन जितना भी मेंटेनेंश है। सारा का सारा बर्बाद हुआ। वहां पर अमेरिका स्टेशन है। सरोधा और किराना हिल्स है। उस इलाके में रॉक सॉल्ट हैं। वहां पर उनकी न्यूक्लियर साइट है। पाकिस्तान इधर न्यूक्लियर टेंस्टिंग की। बताया जा रहा है कि वहां अमेरिकी स्टेशन पर मौजूद अमेरिकी अधिकारियों ने अपने प्रशासन को इस हमले की खबर दी। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी से बात की और बताया कि पाकिस्तान लड़ाई समाप्त करना चाहता है।
नूरखान हवाई अड्डे से पूरी कहानी शुरू होती है। नूरखान हवाई अड्डा पाकिस्तान की सेना के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण जगह है। वहां परमाणु रणनीति का सबसे अहम केंद्र है। ये पाकिस्तान की स्ट्रैटर्जिक प्लान डिवीजन का मुख्यालय है। आसान भाषा में आपको कहें तो ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार इसी हवाई अड्डे के आस पास हैं। भारत ने जब 9 मई को ब्रह्मोस मिसाइल से अटैक किया था तो ये माना गया कि पाकिस्तान में यहां पर बहुत ज्यादा नुकसान हुआ। परमाणु हथियारों की सुरक्षा को नुकसान हुआ। हालांकि ऑफिशियली इसको लेकर कुछ कहा नहीं गया। लेकिन अन ऑफिशियली जो बात आई वो ये कि इस हवाई अड्डे से 50 किलोमीटर के आस पास ही परमाणु हथियार रखे थे। भारत को पता लग गया और भारत ने अटैक किया। जिसने पाकिस्तान की सबसे कमजोर नस को दबा दिया।
पाकिस्तान भारत से सीधा युद्ध नहीं लड़ सकता। ये तो सभी जानते हैं। वो 2-3 दिन से ज्यादा भारत की सेना के सामने टिक भी नहीं पाएगा। वो न्यूक्लियर वॉर का डर दिखाता रहता है। लेकिन भारत ने जब न्यूक्लियर अड्डों के आस पास हमला कर दिया। एक तरह का मैसेज दिया कि हम इतनी हैसियत रखते हैं कि हम तुम्हारे न्यूक्लियर अड्डों को भी तबाह कर देंगे। ऐसे में ये पाकिस्तान के लिए बौखलाने वाला पल था। रात को साढ़े तीन बजे पाकिस्तान के डीजीआईएसपीआर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। पाकिस्तान के टीवी चैनल पर लोग कलमा पढ़ रहे थे। तब ऐसा लगने लगा था कि भारत ने कुछ बड़ा कर दिया है। कुछ ऐसा जो उनकी कमजोर नस को दबा दिया।
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