मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह के बाहर आने की संभावना अब बनती दिख रही है। पटना हाईकोर्ट में दाखिल उनकी जमानत याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई हो सकती है। अगर अदालत से राहत मिलती है, तो अनंत सिंह जेल से बाहर आकर सबसे पहले विधायक पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार की राजनीति की नजर टिकी हुई है, क्योंकि अनंत सिंह का नाम आते ही मोकामा की राजनीति में हलचल स्वाभाविक मानी जाती है।
Anant Singh News Update: पटना हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई संभव
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अनंत सिंह की ओर से 24 दिसंबर को पटना हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। यह मामला फिलहाल न्यायमूर्ति अशोक कुमार पांडेय की अदालत में सूचीबद्ध है। हालांकि अब तक सुनवाई की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इसी सप्ताह इस याचिका पर सुनवाई हो सकती है।
सिविल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनंत सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनके अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन के अनुसार जमानत से जुड़ी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अदालत से सकारात्मक आदेश की उम्मीद की जा रही है। यदि हाईकोर्ट से राहत मिलती है, तो यह अनंत सिंह के लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जाएगी।
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Anant Singh News: जमानत के बाद ही लेंगे विधायक पद की शपथ
जानकारी के मुताबिक अनंत सिंह अब तक बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ नहीं ले पाए हैं। हालांकि कानून उन्हें अदालत से अनुमति लेकर शपथ लेने का विकल्प देता है, लेकिन उनके नजदीकी लोगों का कहना है कि वे नियमित जमानत मिलने के बाद ही शपथ लेना चाहते हैं।
अनंत सिंह के समर्थकों का मानना है कि शपथ ग्रहण का समय राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम होता है। जेल से बाहर आकर सीधे विधानसभा में शपथ लेना उनके राजनीतिक कद को एक अलग संदेश देगा। यही वजह है कि वे किसी अस्थायी या सशर्त अनुमति के बजाय पूर्ण जमानत का इंतजार कर रहे हैं।
Anant Singh News Background: दुलारचंद यादव हत्याकांड का मामला

गौरतलब है कि अनंत सिंह इस समय दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बेऊर जेल में बंद हैं। यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा के टाल इलाके में हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है। प्रचार के दौरान हुई इस घटना में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था।
घटना के बाद विपक्षी पक्ष और स्थानीय लोगों की ओर से अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी। बढ़ते दबाव के बीच पटना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम मानी गई थी, क्योंकि अनंत सिंह लंबे समय से मोकामा की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा रहे हैं।
Anant Singh News Case Details: पुलिस के दावे और जांच की स्थिति
पटना के तत्कालीन एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने गिरफ्तारी के बाद बयान दिया था कि दुलारचंद यादव की हत्या के समय अनंत सिंह घटनास्थल पर मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उनकी मौजूदगी से जुड़े सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर उन्हें हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया।
वहीं अनंत सिंह के समर्थक और उनके वकील लगातार यह कहते रहे हैं कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका तर्क है कि मामले में प्रत्यक्ष साक्ष्य कमजोर हैं और अदालत में यह बात स्पष्ट हो जाएगी। अब हाईकोर्ट की सुनवाई को इस मामले का अहम मोड़ माना जा रहा है।
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Anant Singh News Political Impact: मोकामा की राजनीति पर असर
अनंत सिंह की संभावित रिहाई का असर केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव मोकामा और आसपास की राजनीति पर भी पड़ेगा। उनके जेल से बाहर आने की खबर भर से ही समर्थकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यदि उन्हें जमानत मिलती है और वे शपथ लेते हैं, तो क्षेत्र की सियासी समीकरणों में बदलाव आ सकता है।
मोकामा सीट को हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना गया है। यहां अनंत सिंह का प्रभाव लंबे समय तक रहा है। ऐसे में उनकी वापसी से सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों की रणनीतियों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
Anant Singh News Outlook: हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें पटना हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि इसी सप्ताह सुनवाई होती है और जमानत मिलती है, तो यह अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम साबित होगा। वहीं अगर अदालत से राहत नहीं मिलती है, तो मामला और लंबा खिंच सकता है।
फिलहाल स्थिति यही है कि कानूनी प्रक्रिया अपने अंतिम मोड़ की ओर बढ़ती दिख रही है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि अनंत सिंह जेल से बाहर आकर विधानसभा की सदस्यता की औपचारिकता कब पूरी कर पाएंगे।
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