Supream Court Dog lovers Case: देश में पिछले कई दिनों से अवारा कुत्तों को लेकर शीर्ष अदालत में बहस चल रही है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे-बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि कुत्तों में एक खास तरह का वायरस होता है, जिसका कोई इलाज नहीं है। कोर्ट ने पूछा बच्चों पर हमले का जिम्मेदार कौन होगा
- supream Court Dog lovers Case: बच्चों-बुजुर्गों पर कुत्तों के हमले का कौन जिम्मेदार
- Supream Court Dog lovers Case: सुप्रीम कोर्ट का सख्त रवैया
- Supream Court Dog lovers Case:डॉग लवर्स पर भी तय होगी जिम्मेदारी
- Supream Court Dog lovers Case: अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण समस्या 1000 गुना बढ़ी
- Supream Court Dog lovers Case: कुत्ते आत्मरक्षा में करते हैं हमला
- Supream Court Dog lovers Case: कुत्तों के लिए खुले घर बनाने का सुझाव
supream Court Dog lovers Case: बच्चों-बुजुर्गों पर कुत्तों के हमले का कौन जिम्मेदार
कोर्ट ने कहा- जब कुत्ते 8 – 9 साल के बच्चे पर हमला करते हैं तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए। क्या वह संगठन इसके लिए जिम्मेदार है जो कुत्तों को खाना खिला रहा है? क्या हम इस समस्या से आंखें मूंद लें। कोर्ट ने कहा कि डॉग लवर्स एक काम करें वे आवारा कुत्तों को जिनको वे खाना खिलाते हैं उन्हें अपने घर ले जाएं।
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Supream Court Dog lovers Case: सुप्रीम कोर्ट का सख्त रवैया
तीन जजों की बेंच ने कहा कि “ उन लोगों पर जवाबदेही तय करनी चाहिए जो कह रहे हैं कि हम अवारा कुत्तों को खाना खिला रहे हैं।” जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सख्त लहजे में कहा कि हम कठोर कदम उठाएंगे। हम कुत्ते के काटने से बच्चों या बुजुर्गों की हर मौत या घायल होने पर राज्य सरकार के खिलाफ भारी मुआवजा तय करेंगे।
Supream Court Dog lovers Case:डॉग लवर्स पर भी तय होगी जिम्मेदारी
कोर्ट ने कहा कि अभी तो सरकार कुछ नहीं कर रही है। जस्टिसनाथ ने कहा कि उन लोगों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए जो कह रहे हैं कि हम कुत्तों को खाना खिला रहे हैं। ऐसा करो, उन्हें अपने घर ले जाओ। कुत्ते इधर-उधर गंदगी क्यों फैलाएं, काटें और लोगों को डराएं?
Supream Court Dog lovers Case: अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण समस्या 1000 गुना बढ़ी
सुप्रीम कोर्ट में दो एनिमल ट्रस्टों का पक्ष रखते हुए एडवोकेट मेनका गुरु स्वामी ने कहा- यह एक इमोशनल मामला है। इस पर जस्टिस मेहता ने कहा- अब तक तो ऐसा लगता है कि इमोशन सिर्फ कुत्तों के लिए ही हैं। गुरुस्वामी ने कहा- ऐसा नहीं है। मैं इंसानों के बारे में भी उतनी ही चिंतित हूं।कोर्ट ने कहा सरकारी अधिकारियों की निष्क्रियता से समस्या एक हजार गुणा बढ़ गई है।
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Supream Court Dog lovers Case: कुत्ते आत्मरक्षा में करते हैं हमला
इस पूरे मामले पर एक पीड़ित जो कुत्ते के काटने की शिकार थी उसने कहा कि 20 साल पहले मुझे एक कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया था। मुझे टांके लगे। कुत्ते ने क्यों काटा, मैंने यह समझने की कोशिश की तो पाया कि उस कुत्ते को लंबे समय तक क्रूरता का शिकार बनाया गया था। लोग उसे पत्थर मारते थे, लात मारते थे। डर के मारे उसने आत्मरक्षा में मुझ पर हमला किया।, कामना पांडे नाम की महिला ने कोर्ट में आवारा कुत्तों का पक्ष लेते हुए कहा कि क्रूरता किसी ने की, दर्द मुझे सहनी पड़ी। मैंने उस कुत्ते को गोद ले लिया। 9 सालों में उसने किसी को नहीं काटा।
Supream Court Dog lovers Case: कुत्तों के लिए खुले घर बनाने का सुझाव
महिला ने कहा कि सिर्फ नसबंदी उपाय नहीं है। डॉग लवर्स में दहशत है । कुत्तों और उन्हें खाना खिलाने वालों के खिलाफ जगह-जगह हिंसा हो रही है। हम संस्थानों में कुत्तों के लिए खुले घर बनाने का सुझाव देते हैं।
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