प्रसिद्ध कानूनविद, स्वतंत्रता सेनानी और बिहार में राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद की 150वीं जयंती के अवसर पर पटना में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
ब्रजकिशोर स्मारक प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समाज विज्ञान, साहित्य, पत्रकारिता, कला-संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पांच विशिष्ट व्यक्तियों को वर्ष 2026 का ब्रजकिशोर प्रसाद सम्मान प्रदान किया गया।
- Brijkishore Prasad Jayanti पर पटना में गरिमामय सम्मान समारोह
- Brijkishore Prasad Samman 2026 पाने वाले सम्मानित व्यक्तित्व
- समाज विज्ञान – डॉ. इम्तियाज अहमद
- साहित्य – अरुण कमल
- पत्रकारिता – प्रवीण बागी
- कला-संस्कृति – सुजाता मिश्रा
- समाज सेवा – चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी
- बच्चों का भी हुआ सम्मान, राष्ट्रगान से भावुक माहौल
- डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान
- ऐतिहासिक विरासत और पारिवारिक संबंध
यह समारोह न केवल सम्मान का अवसर था, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक विरासत और सामाजिक उत्तरदायित्व को याद करने का भी एक सशक्त मंच बना।
Brijkishore Prasad Jayanti पर पटना में गरिमामय सम्मान समारोह
ब्रजकिशोर स्मारक प्रतिष्ठान के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पटना मेडिकल कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष और प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निगम प्रकाश नारायण उपस्थित रहे।
डॉ. नारायण ने सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठान के मंत्री सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल ने की, जबकि प्रो. मनोहर लाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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Brijkishore Prasad Samman 2026 पाने वाले सम्मानित व्यक्तित्व

वर्ष 2026 के लिए ब्रजकिशोर प्रसाद सम्मान जिन विशिष्ट व्यक्तियों को दिया गया, वे इस प्रकार हैं—
समाज विज्ञान – डॉ. इम्तियाज अहमद
इतिहासकार डॉ. इम्तियाज अहमद समाज विज्ञान के क्षेत्र में अपने गहन शोध और लेखन के लिए जाने जाते हैं।
वे इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकों और शोधपत्रों के लेखक हैं तथा लंबे समय तक खुदाबख्श लाइब्रेरी के निदेशक भी रहे हैं। उनका कार्य बिहार और देश के बौद्धिक इतिहास को समृद्ध करता है।
साहित्य – अरुण कमल
प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार अरुण कमल को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
वे पटना विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्राध्यापक रह चुके हैं और देश के अग्रणी कवियों में गिने जाते हैं।
उन्हें 1998 में साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित भारत भूषण अग्रवाल जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
पत्रकारिता – प्रवीण बागी
पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय प्रवीण बागी को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उन्होंने नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान जैसे बड़े समाचार पत्रों और
ETV, News18, महुआ न्यूज जैसे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
कला-संस्कृति – सुजाता मिश्रा
कला और संस्कृति के क्षेत्र में सुजाता मिश्रा को विशेष सम्मान दिया गया।
वे मिथिला चित्रकला और गोदना शैली के संरक्षण और प्रचार के लिए जानी जाती हैं और वर्षों से पारंपरिक लोक कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में जुटी हैं।
समाज सेवा – चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी
पिछले पांच दशकों से समाज सेवा में सक्रिय चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी को विशेष रूप से गया और आसपास के इलाकों में भूमिहीनों और वंचितों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
बच्चों का भी हुआ सम्मान, राष्ट्रगान से भावुक माहौल
सम्मान समारोह के दौरान कमला नेहरू शिशु विहार और अघोर कामिनी विद्यालय के बच्चों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।
उनकी प्रस्तुति से सभागार देशभक्ति के भाव से भर गया। इस अवसर पर बच्चों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
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डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान
डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद का जन्म वर्ष 1877 में हुआ था।
वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक, प्रख्यात कानूनविद और बिहार में राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत थे।
महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी सफल वकालत छोड़ दी और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े।
1917 के चंपारण सत्याग्रह में उन्होंने किसानों के शोषण के खिलाफ गांधी जी का साथ दिया और कानूनी सहायता प्रदान की।
इसके बाद असहयोग आंदोलन सहित कई सत्याग्रहों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और कई बार जेल भी गए।
ऐतिहासिक विरासत और पारिवारिक संबंध
डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद लोकनायक जयप्रकाश नारायण के ससुर थे।
वे भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मित्र और समधी भी थे।
उनका जीवन स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और नैतिक साहस का प्रतीक माना जाता है।
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