“Vijay Kumar Sinha के गृह जिले Lakhisarai में 31 करोड़ की बड़ी चुनौती, 65% पर अटका खनन राजस्व!”

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लखीसराय में खनन राजस्व लक्ष्य से पीछे
Highlights
  • • 84.69 करोड़ का लक्ष्य • अब तक 53.50 करोड़ वसूली • 5 बालू घाट बंद • 9 फरवरी को ई-नीलामी • लक्ष्य पूर्ति चुनौती

बिहार में खनन राजस्व को लेकर एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। उपमुख्यमंत्री सह खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा के गृह जिले लखीसराय में ही खनन विभाग अपने वार्षिक राजस्व लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब दो महीने से भी कम समय शेष है, लेकिन विभाग की वसूली की रफ्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।

जिले की राजस्व संरचना में खनन विभाग की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है, ऐसे में लक्ष्य से पिछड़ना प्रशासनिक दक्षता और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: लक्ष्य के मुकाबले 65% ही वसूली

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले को 84.69 करोड़ रुपये का खनन राजस्व लक्ष्य दिया गया था। लेकिन जनवरी 2026 तक विभाग केवल 53.50 करोड़ रुपये ही वसूल सका है।

इसका सीधा अर्थ है कि विभाग ने अब तक मात्र 65 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल किया है, जबकि शेष 31.19 करोड़ रुपये की वसूली दो महीने से भी कम समय में करनी है — जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: मंत्री के गृह जिले में खराब प्रदर्शन

स्थिति की गंभीरता इस तथ्य से और बढ़ जाती है कि लखीसराय स्वयं खनन मंत्री का गृह जिला है। ऐसे में विभागीय प्रदर्शन राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जब मंत्री का अपना जिला लक्ष्य से पीछे हो, तो विपक्ष और प्रशासनिक हलकों में जवाबदेही को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: राजस्व स्रोतों का आंकड़ा

खनन विभाग की आय के प्रमुख स्रोतों का विश्लेषण करें तो स्थिति इस प्रकार है:
• बालू घाट बंदोबस्ती: लगभग 44 करोड़ रुपये
• दंड राशि: 110.01 लाख रुपये
• रॉयल्टी व मालिकाना शुल्क: 833.32 लाख रुपये

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बालू घाट ही हैं, और वहीं पर सबसे ज्यादा व्यवधान सामने आया है।

Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: बंद बालू घाट बने सबसे बड़ी वजह

“Vijay Kumar Sinha के गृह जिले Lakhisarai में 31 करोड़ की बड़ी चुनौती, 65% पर अटका खनन राजस्व!” 1

राजस्व में कमी का मुख्य कारण जिले के कई बालू घाटों का बंद होना बताया जा रहा है।

जिले में कुल 10 बालू घाटों की पांच वर्षों के लिए बंदोबस्ती की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इनमें से 5 घाट चालू ही नहीं हो सके।

आधे घाट बंद रहने से सरकारी राजस्व पर सीधा असर पड़ा है। विभाग अब इन्हें पुनः चालू करने की प्रक्रिया तेज करने में जुटा है।

Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: ई-नीलामी से भरपाई की कोशिश

राजस्व घाटे की भरपाई के लिए विभाग ने ई-नीलामी का रास्ता अपनाया है।
• क्लस्टर-2, ब्लॉक-12 की नीलामी सफल रही
• खनन योजना स्वीकृत
• पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया जारी

इससे विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही संचालन शुरू होगा और आय बढ़ेगी।

Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: 9 फरवरी की नीलामी अहम

ब्लॉक-11 सहित चार अन्य प्रत्यार्पित बालू घाटों के लिए चौथी बार विज्ञापन जारी किया गया है।
• अगली ई-नीलामी तिथि: 9 फरवरी 2026
• विभाग को सफलता की उम्मीद
• लक्ष्य पूर्ति की दिशा में निर्णायक कदम

यदि यह नीलामी सफल होती है तो राजस्व वसूली में तेजी आ सकती है।

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Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: विभाग सख्त, वसूली तेज करने की तैयारी

जिला खनिज विकास पदाधिकारी ने लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

संभावित कदम:
• सभी कार्य विभागों को पत्र जारी होगा
• खनन मद की कटौती राशि जमा कराने का निर्देश
• प्रतिवेदन अनिवार्य किया जाएगा

यह कदम बकाया राजस्व वसूली को तेज कर सकता है।

Vijay Kumar Sinha Mining Department Lakhisarai: क्या लक्ष्य पूरा हो पाएगा?

वित्तीय वर्ष समाप्ति में कम समय शेष है। ऐसे में विभाग के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं:
1. बंद घाटों को चालू करना
2. ई-नीलामी सफल कराना
3. बकाया राजस्व वसूलना

यदि ये तीनों मोर्चे सफल रहे तो विभाग लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है, अन्यथा यह वित्तीय असफलता के रूप में दर्ज होगा।

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