बिहार की सियासत इस वक्त नीट छात्रा मौत मामले को लेकर गरमाई हुई है। विधानसभा के बजट सत्र के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक टकराव का बड़ा कारण बन गया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खुली चुनौती दे डाली है। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी मंत्री या मंत्री के बेटे की संलिप्तता का आरोप है तो नाम सार्वजनिक किया जाए — 24 घंटे के भीतर कार्रवाई होगी।
Bihar Budget 2026: राबड़ी देवी के आरोपों पर सम्राट चौधरी का पलटवार
नीट छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि इस मामले में एक मंत्री के बेटे की भूमिका हो सकती है और सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जांच को प्रभावित किया जा रहा है और सच सामने नहीं आने दिया जा रहा।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी ने सख्त लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा:
• अगर किसी मंत्री या उसके बेटे का नाम सामने आता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
• कानून सबके लिए बराबर है।
• 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने राबड़ी देवी से कहा कि बिना प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना है, खासकर तब जब वह खुद राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
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Bihar Budget 2026: “सबूत है तो पेश करें” — सम्राट का ओपन चैलेंज
सम्राट चौधरी ने सार्वजनिक रूप से चुनौती देते हुए कहा:
• अगर राबड़ी देवी के पास कोई सबूत है तो उसे सामने लाएं।
• सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी से न्याय नहीं मिलेगा।
• नाम बताए जाने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर नाम नहीं बताया जा रहा, तो इसका मतलब है कि या तो आरोप निराधार हैं या फिर साक्ष्य छुपाए जा रहे हैं।
जांच पर सरकार का पक्ष: SIT से CBI तक
सरकार ने इस मामले में अब तक हुई जांच प्रक्रिया का भी जिक्र किया। सम्राट चौधरी ने बताया:
1. पुलिस स्तर पर जांच कराई गई।
2. विशेष जांच दल (SIT) गठित हुआ।
3. रिपोर्ट आने के बाद भी सरकार संतुष्ट नहीं हुई।
4. इसलिए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई।
सरकार का कहना है कि वह इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विधानसभा बजट सत्र में गूंजा मामला

बिहार विधानसभा का बजट सत्र पहले ही कई मुद्दों को लेकर गरम है, लेकिन नीट छात्रा मौत मामला सबसे संवेदनशील बन गया है। विपक्ष लगातार:
• न्यायिक जांच की मांग कर रहा है।
• सरकार पर लीपापोती का आरोप लगा रहा है।
• दोषियों की गिरफ्तारी की समयसीमा तय करने की बात कह रहा है।
सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा रहा है।
डीजीपी से मुलाकात और निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सम्राट चौधरी ने खुद राज्य के डीजीपी से मुलाकात की थी। इस दौरान:
• जांच की प्रगति की समीक्षा की गई।
• साक्ष्य संरक्षण पर जोर दिया गया।
• निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सरकार का दावा है कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस मामले ने सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को और तीखा कर दिया है।
विपक्ष का आरोप:
• सरकार प्रभावशाली लोगों को बचा रही है।
• जांच की दिशा मोड़ी जा रही है।
सरकार का जवाब:
• विपक्ष राजनीतिक लाभ लेना चाहता है।
• जांच एजेंसियों को बदनाम किया जा रहा है।
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महिला सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
नीट छात्रा मौत केस ने एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि:
• दोषी कोई भी हो, कार्रवाई तय है।
• बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा।
नीट छात्रा मौत मामला अब सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। राबड़ी देवी के आरोप और सम्राट चौधरी की खुली चुनौती ने सियासी पारा और बढ़ा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि:
• क्या विपक्ष सबूत पेश करेगा?
• क्या किसी मंत्री या उसके परिवार का नाम सामने आएगा?
• और सबसे अहम — छात्रा को न्याय कब मिलेगा?
बजट सत्र के आगे बढ़ने के साथ यह मुद्दा और तीखा होने के आसार हैं।
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