Pappu Yadav Arrest News: आधी रात गिरफ्तारी के बाद गरजे सांसद, बोले— जेल भेजो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं

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पटना में आधी रात पुलिस ने सांसद पप्पू यादव को किया गिरफ्तार
Highlights
  • • आधी रात पटना आवास से गिरफ्तारी • ढाई घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा • एक्स पोस्ट से पुलिस पर निशाना • NEET छात्रा केस से जोड़ा मामला • 1995 के केस में वारंट पर कार्रवाई • कई धाराओं में दर्ज मामला

पटना में शुक्रवार देर रात उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई जब पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले उनके घर के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जहां करीब ढाई घंटे तक पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक, बहस और तनावपूर्ण हालात बने रहे। आधी रात हुई इस कार्रवाई ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गर्म कर दिया है।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद सांसद ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी और सीधे बिहार पुलिस पर निशाना साधते हुए खुद को झुकने वाला नहीं बताया।

Pappu Yadav Arrest News: गिरफ्तारी के बाद एक्स पोस्ट से साधा पुलिस पर निशाना

गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा—

“बहुत शानदार बिहार पुलिस। हम NEET छात्रा के न्याय की लड़ाई लड़े और बिहार पुलिस के पेट में दर्द हो गया। हमें गिरफ्तार करने पटना आवास पहुंच गई लेकिन इससे पप्पू यादव न झुकेगा न चुप होगा। बेईमानों की कारगुजारियों को बेनकाब करके रहेंगे। जेल भेजो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं।”

उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और समर्थकों के बीच इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया जाने लगा। वहीं विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी गिरफ्तारी के समय और तरीके पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

Pappu Yadav Arrest News: NEET छात्रा केस से जोड़कर देख रहे सांसद

Pappu Yadav Arrest News: आधी रात गिरफ्तारी के बाद गरजे सांसद, बोले— जेल भेजो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं 1

हाल के दिनों में पटना में हुई NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला सुर्खियों में रहा है। इस केस को लेकर पप्पू यादव लगातार मुखर रहे थे। उन्होंने न सिर्फ पुलिस जांच पर सवाल उठाए, बल्कि हॉस्टल प्रबंधन, अस्पताल सिस्टम और प्रशासनिक कार्रवाई को भी कटघरे में खड़ा किया था।

वे जहानाबाद जाकर छात्रा के परिजनों से भी मिले थे और न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। लगातार प्रेस बयान, दौरे और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए वे इस मुद्दे को उठाते रहे।

ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को वे उसी आवाज उठाने से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी का इस केस से कोई संबंध नहीं है।

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Pappu Yadav Arrest News: 31 साल पुराने केस में कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में की गई है। मामला गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/95 से जुड़ा है।

शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखाधड़ी के जरिए किराए पर लिया गया और बाद में उसे पप्पू यादव के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया।

इस मामले में लंबे समय से अदालत में सुनवाई चल रही थी। हाल ही में एमपी-एमएलए कोर्ट ने संपत्ति कुर्की का आदेश भी जारी किया था। अदालत में तय तारीख पर उपस्थित नहीं होने के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

Pappu Yadav Arrest News: पुलिस ने क्या कहा

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के लिए पहुंचे पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया—

1995 का मामला पूर्ववर्ती IPC धाराओं के तहत दर्ज था, जो अब BNS लागू होने से पहले का केस है। इसमें 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी जैसी धाराएं शामिल हैं। न्यायालय में ट्रायल चल रहा था और सांसद को उपस्थित होना था, लेकिन तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुए। इसी आधार पर गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।

पुलिस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत ही गिरफ्तारी हुई।

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आधी रात का हाई वोल्टेज ड्रामा

गिरफ्तारी से पहले मंदिरी स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, समर्थक बड़ी संख्या में जुट गए।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अंदर प्रवेश करने और सांसद को हिरासत में लेने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। इस दौरान समर्थकों ने विरोध जताया, नारेबाजी हुई और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

हालांकि अंततः पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करते हुए सांसद को हिरासत में ले लिया।

सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार

गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है। समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन इसे पूरी तरह कानूनी कार्रवाई कह रहे हैं।

आने वाले दिनों में अदालत में पेशी, जमानत और केस की सुनवाई के दौरान यह मामला और तूल पकड़ सकता है—खासकर इसलिए क्योंकि यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब सांसद एक संवेदनशील छात्रा मौत मामले को लेकर सक्रिय थे।

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