बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। कार्यवाही शुरू होते ही अलग-अलग मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखे। कब्रिस्तान की घेराबंदी, गन्ना किसानों का भुगतान और फिर सत्ता पक्ष के ही विधायक द्वारा अपनी सरकार पर तीखा हमला—इन तीन बड़े मुद्दों ने पूरे दिन की कार्यवाही को हंगामेदार बना दिया। सदन में कई बार ऐसी स्थिति बनी जब शोर-शराबे के कारण कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।
Bihar Budget Session: कब्रिस्तान घेराबंदी पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बदलेगी प्रावधान
सत्र की शुरुआत होते ही कब्रिस्तान की घेराबंदी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। एआईएमआईएम सहित विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार से पूछा कि राज्य के कई जिलों में कब्रिस्तानों की घेराबंदी अब तक क्यों नहीं हो पाई है और इसके लिए क्या ठोस योजना है।
इस दौरान एआईएमआईएम नेता ने कहा कि जमीन विवाद और अतिक्रमण की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, ऐसे में कब्रिस्तान की सुरक्षा और सीमांकन बेहद जरूरी है। विपक्ष का आरोप था कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर गंभीर नहीं है।
जवाब देते हुए गृह मंत्री सह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि सरकार इस दिशा में बड़ा प्रावधान परिवर्तन करने जा रही है। उन्होंने कहा कि:
• अब कब्रिस्तान की घेराबंदी विधायक फंड से कराई जाएगी।
• इसके लिए नियमों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है।
• स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार प्राथमिकता तय होगी।
मो. सरवर आलम के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यभर में कब्रिस्तान घेराबंदी को लेकर विस्तृत डेटा तैयार किया जा रहा है ताकि चरणबद्ध तरीके से काम पूरा कराया जा सके।
सरकार के इस जवाब के बाद भी विपक्ष पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखा और इस मुद्दे पर नारेबाजी जारी रही।
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Bihar Budget Session: गन्ना किसानों के भुगतान पर उठा बड़ा सवाल

कब्रिस्तान घेराबंदी का मुद्दा शांत भी नहीं हुआ था कि सदन में गन्ना किसानों की समस्या जोर से उठी। जदयू विधायक मंजीत सिंह ने किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि:
• कई चीनी मिलों पर किसानों का भुगतान लंबित है।
• समय पर भुगतान नहीं होने से किसान आर्थिक संकट में हैं।
• सरकार को सख्त समयसीमा तय करनी चाहिए।
इस पर संबंधित विभाग के मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस विषय को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि:
• अब तक बड़े पैमाने पर गन्ना किसानों को भुगतान किया जा चुका है।
• शेष बकाया राशि का भुगतान तेजी से कराया जा रहा है।
• आगामी 15 दिनों के भीतर लंबित भुगतान पूरा कराने का लक्ष्य है।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि यदि कोई मिल भुगतान में लापरवाही करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Bihar Budget Session: सवाल पर CM की टिप्पणी से बढ़ी तल्खी
जब जदयू विधायक ने दोबारा पूरक सवाल पूछा तो माहौल थोड़ा असहज हो गया। मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए टिप्पणी की—“क्यों पूछ रहे हो?”
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद सदन में हलचल बढ़ गई। विपक्ष ने इसे जनप्रतिनिधियों के सवाल पूछने के अधिकार से जोड़ दिया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे सामान्य राजनीतिक संवाद बताया।
हालांकि बाद में कार्यवाही आगे बढ़ी, लेकिन इस छोटे से संवाद ने सदन के तापमान को और बढ़ा दिया।
Bihar Budget Session: अपनी ही सरकार पर बरसे BJP विधायक जीवेश मिश्रा
दिन का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आया जब बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने अपनी ही सरकार पर तीखा हमला बोल दिया।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे सवाल पूछते हुए सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि:
• सरकार को कुछ मुद्दों पर “शर्म आनी चाहिए।”
• जनहित से जुड़े मामलों में अपेक्षित गति नहीं दिख रही।
• अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उनकी तीखी टिप्पणी से सत्ता पक्ष के कई नेता असहज नजर आए। सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा भी छा गया क्योंकि हमला विपक्ष की ओर से नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर से आया था।
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Bihar Budget Session: सत्ता पक्ष में असहजता, विपक्ष को मिला मौका
जीवेश मिश्रा के बयान के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया अवसर मिल गया। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि जब सत्ताधारी दल के विधायक ही सरकार से असंतुष्ट हैं तो राज्य की स्थिति समझी जा सकती है।
सत्ता पक्ष ने हालांकि तुरंत स्थिति संभालने की कोशिश की और इसे आंतरिक लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति बताया।
Bihar Budget Session: हंगामे के बीच चलती रही कार्यवाही
पूरा दिन अलग-अलग मुद्दों पर शोर-शराबे के बीच कार्यवाही चलती रही। कई बार अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा।
दिन की कार्यवाही की मुख्य झलकियां:
• कब्रिस्तान घेराबंदी पर नीति बदलाव का ऐलान
• गन्ना किसानों के भुगतान की समयसीमा
• मुख्यमंत्री की टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
• सत्ता पक्ष के विधायक का सरकार पर हमला
इन घटनाओं ने बजट सत्र के पांचवें दिन को सबसे ज्यादा विवादित दिनों में शामिल कर दिया।
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