बिहार की राजनीति में बजट सत्र के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब बढ़ती आपराधिक घटनाओं, खासकर महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सदन परिसर विरोध का अखाड़ा बन गया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायकों ने विधानसभा गेट पर जमकर नारेबाजी की और हाथों में पोस्टर लेकर राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की।
- Bihar Assembly RJD Protest : विधानसभा गेट से वेल तक गूंजे विरोध के नारे
- Bihar Assembly RJD Protest : दुष्कर्म मामलों पर सरकार से जवाब की मांग
- Bihar Assembly RJD Protest : सरकार का पलटवार, विपक्ष पर ‘हल्ला बोल’ राजनीति का आरोप
- Bihar Assembly RJD Protest : कांग्रेस का अलग प्रदर्शन, चूड़ियां पहनाकर जताया विरोध
विपक्ष का आरोप था कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और लगातार सामने आ रही दुष्कर्म की घटनाएं सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। इस मुद्दे ने न केवल सदन के बाहर बल्कि अंदर भी भारी हंगामा खड़ा कर दिया।
Bihar Assembly RJD Protest : विधानसभा गेट से वेल तक गूंजे विरोध के नारे
मंगलवार को जैसे ही विधायक विधानसभा पहुंचे, विपक्षी दलों के तेवर पहले से ही तल्ख दिखे। राजद विधायकों ने विधानसभा के मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे, जिन पर कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ तीखे संदेश लिखे थे।
विधायकों ने नारे लगाते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और सरकार इस पर नियंत्रण पाने में असफल साबित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी आक्रामक दिखा और मीडिया के कैमरों के सामने विपक्ष ने इसे बड़ा जनसुरक्षा का मुद्दा बताया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा और तेज हो गया। विपक्षी विधायक सीधे वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। उस समय मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ मंत्री सदन में मौजूद थे, जिससे राजनीतिक टकराव और तीखा हो गया।
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Bihar Assembly RJD Protest : दुष्कर्म मामलों पर सरकार से जवाब की मांग

विपक्ष ने दरभंगा और पटना में सामने आए कथित दुष्कर्म मामलों को लेकर सरकार को घेरा। विशेष रूप से नीट की एक छात्रा से जुड़े मामले को लेकर विपक्ष लगातार जवाब मांगता रहा।
विपक्ष का कहना था कि इस तरह की घटनाएं सिर्फ कानून-व्यवस्था की कमजोरी नहीं बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता को भी दिखाती हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पर स्पष्ट बयान दे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने मार्शलों को बुलाकर पोस्टर हटवाए और विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। हालांकि, विपक्षी विधायक लंबे समय तक वेल में डटे रहे और नारेबाजी जारी रखी। अंततः विरोध स्वरूप वॉकआउट भी किया गया।
Bihar Assembly RJD Protest : सरकार का पलटवार, विपक्ष पर ‘हल्ला बोल’ राजनीति का आरोप
विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष गंभीर बहस से बचना चाहता है और सिर्फ शोर-शराबा कर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने में ज्यादा रुचि रखता है। उनके अनुसार, सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष सुनने की स्थिति में ही नहीं है।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि विपक्ष राजनीतिक उलझन में है और इसी कारण इस तरह का व्यवहार कर रहा है। हालांकि, अध्यक्ष की अपील के बाद कुछ समय पश्चात विपक्षी विधायक अपनी सीटों पर लौट आए।
Bihar Assembly RJD Protest : कांग्रेस का अलग प्रदर्शन, चूड़ियां पहनाकर जताया विरोध
सिर्फ राजद ही नहीं, कांग्रेस विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक एक प्रतीकात्मक पुतला लेकर पहुंचे, जिसे चूड़ियां पहनाई गई थीं।
इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने राज्य सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वे लगातार सदन के अंदर सरकार का ध्यान इन घटनाओं की ओर दिला रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में गंभीर अपराध लगातार सामने आ रहे हैं, फिर भी सरकार सिर्फ लीपापोती में लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
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Bihar Assembly RJD Protest : भाई वीरेंद्र ने उठाए गंभीर सवाल
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध राजनीति का नहीं बल्कि समाज की सुरक्षा का मुद्दा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों की त्वरित जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
उनका कहना था कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो जनता का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ जाएगा।
सियासी संदेश और आगे की रणनीति
विधानसभा में हुआ यह हंगामा सिर्फ एक दिन का राजनीतिक विरोध नहीं माना जा रहा। संकेत साफ हैं कि विपक्ष आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे को बड़ा चुनावी नैरेटिव बनाने की तैयारी में है।
बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर और तीखी बहस होने के आसार हैं। वहीं, सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि वह विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों और कार्रवाई से दे।
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