बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक अहम प्रशासनिक चूक उजागर हुई, जिसने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार अब तक स्टेट नोडल अकाउंट (SNA) तैयार नहीं कर पाई है, जिसके कारण प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की राशि पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी। सदन में इस मुद्दे पर जवाब देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने न केवल स्थिति स्पष्ट की बल्कि निर्धारित समयसीमा में अकाउंट न बन पाने को लेकर अपनी गलती भी स्वीकार की।
यह मामला सामने आते ही विपक्ष को सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया, वहीं लाभार्थियों के भुगतान और योजना की प्रगति पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
Bihar Budget Session: 31 जनवरी की डेडलाइन चूकी, अब 31 मार्च तक का समय मांगा
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया था कि वे केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंड ट्रांसफर के लिए स्टेट नोडल अकाउंट (SNA) अनिवार्य रूप से निर्धारित समय तक तैयार करें। बिहार को यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी करनी थी, लेकिन तय समयसीमा में अकाउंट तैयार नहीं हो सका।
सदन में मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कहा कि:
• राज्य सरकार समय पर SNA अकाउंट नहीं बना पाई
• प्रक्रिया तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर लंबित रह गई
• अब केंद्र से 31 मार्च तक अतिरिक्त समय मांगा गया है
सरकार ने आश्वासन दिया है कि अकाउंट बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और जल्द इसे पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा न आए।
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Bihar Budget Session: राशि निकासी पर लगी रोक, लाभार्थियों पर असर की आशंका

SNA अकाउंट तैयार न होने का सीधा असर प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि पर पड़ा। केंद्र सरकार ने फंड रिलीज और निकासी पर रोक लगा दी, जिससे राज्य स्तर पर भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने लगी।
हालांकि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया था कि लाभार्थियों को परेशानी से बचाने के लिए अस्थायी राहत दी जाए। इसके बाद:
• जनवरी महीने में केंद्र ने अस्थायी अनुमति दी
• सीमित स्तर पर राशि निकासी की इजाजत मिली
• लाभार्थियों के भुगतान को आंशिक रूप से जारी रखा गया
अब राज्य सरकार ने फिर अनुरोध किया है कि जब तक SNA पूरी तरह तैयार न हो जाए, तब तक फंड निकासी की अनुमति जारी रखी जाए।
Bihar Budget Session: क्या होता है State Nodal Account (SNA) और क्यों जरूरी है?
स्टेट नोडल अकाउंट केंद्र प्रायोजित योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन का अहम तंत्र है। इसका उद्देश्य होता है:
• केंद्र से मिलने वाली राशि का सीधा ट्रांसफर
• फंड उपयोग में पारदर्शिता
• बीच की वित्तीय परतों को कम करना
• खर्च की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
SNA न होने पर फंड ट्रांसफर में तकनीकी अड़चनें आती हैं, जिससे योजनाओं के कार्यान्वयन की गति धीमी पड़ जाती है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने इसे अनिवार्य बनाया है।
Bihar Budget Session: सदन में कैसे उठा मामला?
यह मुद्दा उस समय प्रमुखता से उठा जब जदयू विधायक मंजीत सिंह ने सदन में सवाल किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि क्यों रुकी हुई है।
जवाब में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा:
• योजना की राशि फिलहाल रुकी हुई है
• SNA अकाउंट न बनने से तकनीकी अड़चन आई
• सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त समय मांगा है
मंत्री द्वारा सदन में खुलकर गलती स्वीकार करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बजट सत्र में इस तरह की प्रशासनिक चूक सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
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Bihar Budget Session: विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा
विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकता है। संभावित राजनीतिक आरोपों में शामिल हो सकते हैं:
• केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही
• गरीब लाभार्थियों के हितों की अनदेखी
• प्रशासनिक अक्षमता
बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा आगे और गरमाने की संभावना है, खासकर तब जब आवास योजना सीधे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ी हो।
Bihar Budget Session: PM Awas Yojana पर क्या पड़ेगा असर?
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। बिहार इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थी राज्यों में रहा है।
यदि फंड फ्लो बाधित रहता है तो:
• निर्माण कार्य धीमे पड़ सकते हैं
• किश्त भुगतान में देरी होगी
• नए स्वीकृत आवास अटक सकते हैं
• ठेकेदार और मजदूर भुगतान प्रभावित होगा
हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि अस्थायी निकासी अनुमति से काम पूरी तरह नहीं रुकेगा।
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