बिहार विधान परिषद में शुक्रवार का दिन महिला शिक्षकों से जुड़े मुद्दों के नाम रहा। तबादला नीति, शिशु देखभाल अवकाश और मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन भुगतान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की ओर से महिला शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया गया, जिस पर सरकार ने भी सकारात्मक रुख दिखाया।
Bihar Vidhan Parishad: महिला शिक्षकों के गृह जिला ट्रांसफर की जोरदार मांग
नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने सदन में महिला शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों का तबादला जब दूर-दराज जिलों में कर दिया जाता है, तो उन्हें पारिवारिक, सामाजिक और सुरक्षा से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले में ही पदस्थापित किया जाए, ताकि वे बेहतर माहौल में अपनी सेवा दे सकें। उनका तर्क था कि गृह जिला में तैनाती से न केवल शिक्षिकाओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
Bihar Vidhan Parishad: शिक्षा मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
इस मांग पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार महिला शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर संवेदनशील है।
उन्होंने कहा कि विभाग इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है और महिला शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मंत्री के इस आश्वासन के बाद सदन में मौजूद कई सदस्यों ने संतोष व्यक्त किया।
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Bihar Vidhan Parishad: 730 दिन शिशु देखभाल अवकाश का मुद्दा भी उठा

सदन में महिला कर्मियों को 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) देने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। बताया गया कि राज्यपाल सचिवालय की अनुशंसा के बावजूद शिक्षा विभाग में अब तक इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
इस पर माले एमएलसी संजय कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों—विशेषकर महिला शिक्षकों—को 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल के लिए यह अवकाश बेहद जरूरी है और इससे महिला कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।
Bihar Vidhan Parishad: 15 दिनों में निर्णय का भरोसा
शिशु देखभाल अवकाश के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि अगले 15 दिनों के भीतर इस पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि महिला शिक्षकों को शिशु देखभाल अवकाश देने के मामले में सकारात्मक निर्णय की पूरी संभावना है और विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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Bihar Vidhan Parishad: मातृत्व अवकाश वेतन भुगतान नियम में बदलाव
सदन में राजद के डॉ. सुनील कुमार सिंह ने मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन समय पर नहीं मिलता था, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी।
इस पर शिक्षा मंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि नियम में बदलाव कर दिया गया है।
अब महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश के दौरान हर महीने नियमित वेतन मिलेगा। पहले यह व्यवस्था थी कि अवकाश समाप्त होने के बाद एकमुश्त वेतन भुगतान किया जाता था।
Bihar Vidhan Parishad: चिकित्सा अवकाश भुगतान भी समय पर होगा
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश के साथ-साथ चिकित्सा अवकाश सहित अन्य देय भुगतान भी अब समय पर किए जाएंगे। इस फैसले से महिला शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।
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