Tamil Nadu Assembly Election 2026: DMK Congress Seat Sharing Crisis से सियासी भूचाल, क्या गठबंधन में दरार?

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विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सीट बंटवारे को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
Highlights
  • • कांग्रेस की कम से कम 30 सीटों की मांग • 22 फरवरी की बैठक में नहीं निकला समाधान • सत्ता साझेदारी पर बढ़ी अटकलें • 2021 के प्रदर्शन को आधार बना रही कांग्रेस • जिलास्तर पर समन्वय की चिंता

तमिलनाडु में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। एक ओर द्रविड़ राजनीति का मजबूत गठबंधन है, तो दूसरी ओर विपक्षी दल अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं। लेकिन चुनावी मुकाबले से पहले ही सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान ने नई बहस छेड़ दी है। सहयोगी दलों के बीच बातचीत तो हो रही है, लेकिन समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह टकराव सिर्फ सीटों तक सीमित रहेगा या आगे चलकर बड़ा राजनीतिक मोड़ ले सकता है?

Tamil Nadu Assembly Election 2026: DMK Congress Seat Sharing Crisis की जड़ क्या है?

द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (DMK) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। मार्च 2024 में हुई एक अहम बैठक में एम.के. स्टालिन और के.सी. वेणुगोपाल ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की थी। 22 फरवरी को फिर से बैठक हुई, जिसमें टी.एस. सिंह देव भी मौजूद रहे। बातचीत सौहार्दपूर्ण रही, लेकिन सीटों की संख्या पर कोई अंतिम सहमति नहीं बनी।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कम से कम 30 सीटों की मांग कर रही है। पार्टी का तर्क है कि 2021 के चुनाव में उसका स्ट्राइक रेट बेहतर रहा था, इसलिए इस बार अधिक सीटें मिलनी चाहिए। वहीं डीएमके का कहना है कि गठबंधन में अन्य दलों के शामिल होने से संतुलन साधना जरूरी है।

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Tamil Nadu Assembly Election 2026: DMK Congress Seat Sharing Crisis और सत्ता में हिस्सेदारी की बहस

Tamil Nadu Assembly Election 2026: DMK Congress Seat Sharing Crisis से सियासी भूचाल, क्या गठबंधन में दरार? 1

गठबंधन के भीतर सिर्फ सीटों की संख्या ही मुद्दा नहीं है, बल्कि सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर भी अटकलें तेज हैं। हालांकि बैठक में इस पर औपचारिक चर्चा नहीं हुई, लेकिन कुछ कांग्रेस नेताओं के बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। मणिकम टैगोर को सत्ता में हिस्सेदारी की मांग के पीछे प्रमुख चेहरा माना जा रहा है।

बताया जाता है कि राहुल गांधी के करीबी माने जाने के कारण वेणुगोपाल को इस मसले पर सक्रिय भूमिका निभानी पड़ रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की सलाह दी है। उनका राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है और पार्टी को राज्यसभा में अपनी संख्या बनाए रखने की भी चिंता है।

पिछले वर्षों में राज्यसभा सीट को लेकर भी मतभेद सामने आए थे। कांग्रेस का आरोप रहा कि 2019 और 2021 में राज्यसभा सीट का वादा पूरा नहीं किया गया। हाल ही में खाली हुई सीट कमल हासन को दिए जाने से भी नाराजगी बढ़ी।

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Tamil Nadu Assembly Election 2026: DMK Congress Seat Sharing Crisis का जमीनी असर

जिलास्तर पर भी इस तनातनी का असर दिखने लगा है। कुछ नेताओं का मानना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल प्रभावित हो सकता है। एक जिला सचिव ने संकेत दिया कि स्थानीय स्तर पर पहले से ही समन्वय की चुनौतियां सामने आ रही हैं।

2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 133 पर जीत दर्ज की थी। पार्टी को भरोसा है कि वह दूसरी बार सत्ता-विरोधी लहर को मात दे सकती है। लेकिन कांग्रेस का मानना है कि गठबंधन की जीत में उसका भी महत्वपूर्ण योगदान है और उसे उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

Tamil Nadu Assembly Election 2026: DMK Congress Seat Sharing Crisis पर स्टालिन का संदेश

23 फरवरी को एक टीवी इंटरव्यू में एम.के. स्टालिन ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई कुछ सीटों या सत्ता की हिस्सेदारी की नहीं, बल्कि विचारधारा की है। उन्होंने इसे ‘फासीवाद के खिलाफ संघर्ष’ बताया और जनता पर भरोसा जताया। इससे पहले भी उन्होंने साफ कर दिया था कि सरकार में सत्ता साझेदारी की कोई व्यवस्था नहीं होगी।

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