Tejashwi Owaisi Deal: राज्यसभा चुनाव से पहले RJD-AIMIM के बीच समर्थन पर बनी सहमति

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पटना में तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान की मुलाकात के बाद राजनीतिक हलचल तेज।
Highlights
  • • तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान के बीच पटना में अहम बैठक। • AIMIM के पांच विधायकों का समर्थन चुनाव में गेम-चेंजर बन सकता है। • अख्तरुल ईमान ने कहा—बातचीत सकारात्मक, अंतिम फैसला ओवैसी करेंगे। • राज्यसभा चुनाव में पांचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला। • विपक्षी एकजुटता और सीमांचल की राजनीति पर भी चर्चा।

बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता Tejashwi Yadav और Akhtarul Iman के बीच पटना में हुई अहम बैठक के बाद यह संकेत मिला है कि All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) महागठबंधन के उम्मीदवार को समर्थन दे सकती है।

सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर विस्तार से बातचीत की। बैठक के बाद अख्तरुल ईमान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है और अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख Asaduddin Owaisi करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर AIMIM के पांच विधायक महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करते हैं, तो यह चुनाव के परिणाम पर निर्णायक प्रभाव डाल सकता है।

Bihar Rajya Sabha Election: पांचवीं सीट पर कांटे की टक्कर

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच रणनीति तेज हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक सत्ताधारी National Democratic Alliance (एनडीए) चार सीटों पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। वहीं पांचवीं सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।

यही वजह है कि महागठबंधन के लिए AIMIM के विधायकों का समर्थन बेहद अहम माना जा रहा है। अगर AIMIM का समर्थन मिल जाता है, तो महागठबंधन की स्थिति मजबूत हो सकती है। लेकिन अगर समर्थन नहीं मिलता, तो पूरा समीकरण बदल सकता है।

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Tejashwi Akhtarul Meeting: बंद कमरे में हुई लंबी बातचीत

पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे अख्तरुल ईमान पटना स्थित तेजस्वी यादव के आवास पहुंचे।

सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई। इस दौरान बिहार के बदलते राजनीतिक हालात, आगामी चुनावी रणनीति और विपक्षी एकजुटता जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।

बताया जा रहा है कि इस बैठक में कई पुराने मतभेदों को दूर करने की कोशिश की गई और दोनों दलों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर सहमति बनी।

Tejashwi Owaisi Deal: ओवैसी के फैसले का इंतजार

Tejashwi Owaisi Deal: राज्यसभा चुनाव से पहले RJD-AIMIM के बीच समर्थन पर बनी सहमति 1

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अख्तरुल ईमान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है।

उन्होंने कहा कि महागठबंधन की ओर से समर्थन का अनुरोध किया गया था और AIMIM की ओर से कुछ शर्तें भी रखी गई हैं।

ईमान ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक की पूरी जानकारी ओवैसी को दी जाएगी और उनके निर्देश के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।

सूत्रों के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर AIMIM इस मुद्दे पर अंतिम फैसला ले सकती है।

Seemanchal Politics: सीमांचल की राजनीति भी चर्चा में

बैठक के दौरान सीमांचल क्षेत्र की राजनीति पर भी चर्चा हुई।

अख्तरुल ईमान ने सीमांचल के पिछड़ेपन और विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर तेजस्वी यादव ने आश्वासन दिया कि अगर विपक्षी दल मिलकर काम करते हैं तो इस क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर पहल की जा सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सीमांचल की राजनीति में AIMIM का प्रभाव बढ़ा है और यही वजह है कि राज्य की राजनीति में उसका समर्थन अहम माना जा रहा है।

Bihar Political Strategy: भाजपा को रोकने की रणनीति

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक AIMIM के समर्थन को लेकर तीन प्रमुख रणनीतिक कारण सामने आ रहे हैं।

  1. भाजपा को रोकने की रणनीति
    AIMIM खुद को भाजपा विरोधी राजनीति का हिस्सा बताती है। अगर विपक्षी वोट बंटते हैं तो भाजपा को फायदा होता है। इसलिए विपक्षी दलों के साथ खड़े होकर AIMIM यह संदेश देना चाहती है कि वह भाजपा को रोकने के लिए विपक्ष के साथ है।
  2. मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति
    बिहार में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 17.7 प्रतिशत है। यह पारंपरिक रूप से महागठबंधन का मजबूत वोट बैंक रहा है। सीमांचल में AIMIM की मौजूदगी भी बढ़ी है, इसलिए दोनों दलों के बीच सहयोग से इस वोट बैंक का ध्रुवीकरण हो सकता है।
  3. विपक्षी गठबंधन में जगह बनाने की कोशिश
    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भविष्य में बिहार में बड़ा विपक्षी गठबंधन बनता है, तो AIMIM उसमें सहयोगी दल के रूप में अपनी जगह बनाना चाहती है।

Cross Voting Concern: क्रॉस वोटिंग को लेकर भी चर्चा

राज्यसभा चुनाव को लेकर क्रॉस वोटिंग की चर्चा भी तेज हो गई है।

महागठबंधन को आशंका है कि कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, खासकर कांग्रेस विधायकों को लेकर इस तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Rajesh Ram ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और महागठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।

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Iftar Politics Bihar: इफ्तार राजनीति भी बनी चर्चा का विषय

राजनीतिक हलचल के बीच इफ्तार पार्टी भी चर्चा का विषय बन गई है।

15 मार्च को अख्तरुल ईमान और तेजस्वी यादव दोनों ने इफ्तार पार्टी आयोजित करने का कार्यक्रम रखा है और एक-दूसरे को इसमें शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है और वे इफ्तार में भी शामिल होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि महागठबंधन चुनाव में जीत हासिल करेगा।

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