बिहार की राजधानी Patna में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर गंभीर स्थिति बनती दिखाई दे रही है। गैस की कमी के कारण शहर के हॉस्टलों और होटलों में खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही है। हॉस्टल संचालकों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो करीब 3 हजार हॉस्टल बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
- Patna Hostel Crisis: छात्रों के भोजन की व्यवस्था बनी चुनौती
- LPG Price Patna: ब्लैक में महंगे दाम पर मिल रहा सिलेंडर
- Cooking Alternatives: इंडक्शन और कोयले का सहारा
- LPG Requirement Hostel: हर महीने 20 से 22 सिलेंडर की जरूरत
- Patna Hotel Industry: होटलों ने बड़े ऑर्डर लेना बंद किया
- Global Energy Impact: अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर
- District Administration Statement: प्रशासन ने कहा गैस की कमी नहीं
- LPG Booking Rule: 45 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग
इस स्थिति का सीधा असर शहर में पढ़ाई कर रहे हजारों छात्रों पर पड़ सकता है। अनुमान है कि अगर हॉस्टल बंद होने लगे तो लगभग 2.5 लाख छात्रों को पढ़ाई छोड़कर अपने घर लौटना पड़ सकता है।
Patna Hostel Crisis: छात्रों के भोजन की व्यवस्था बनी चुनौती
पटना के विभिन्न इलाकों में संचालित गर्ल्स और बॉयज हॉस्टलों में गैस की कमी सबसे बड़ी समस्या बन गई है।
फिलहाल कई हॉस्टल अपने पुराने स्टॉक में बचे सिलेंडरों के सहारे काम चला रहे हैं। लेकिन आगे गैस की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
हॉस्टल संचालकों का कहना है कि यहां रहने वाले छात्रों को दिन में तीन बार भोजन देना होता है। ऐसे में खाना बनाना बंद करना संभव नहीं है।
उनका आरोप है कि नियमित गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है और बाजार में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं।
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LPG Price Patna: ब्लैक में महंगे दाम पर मिल रहा सिलेंडर

हॉस्टल संचालकों के अनुसार इस समय बाजार में गैस सिलेंडर काफी महंगे दामों पर मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि:
• कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर लगभग 2300 रुपये तक में मिल रहा है
• घरेलू सिलेंडर करीब 1500 रुपये में बेचा जा रहा है
ऐसी स्थिति में हॉस्टलों के लिए भोजन व्यवस्था बनाए रखना आर्थिक रूप से भी कठिन हो रहा है।
Cooking Alternatives: इंडक्शन और कोयले का सहारा
गैस संकट को देखते हुए कई हॉस्टल संचालक वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी कर रहे हैं।
कई जगहों पर इंडक्शन चूल्हे और कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
संचालकों का कहना है कि हॉस्टल बंद करना अंतिम विकल्प होगा, क्योंकि यहां रहने वाले छात्रों को बिना भोजन के नहीं रखा जा सकता।
LPG Requirement Hostel: हर महीने 20 से 22 सिलेंडर की जरूरत
हॉस्टल संचालकों के अनुसार एक मध्यम आकार के हॉस्टल में हर महीने लगभग 20 से 22 एलपीजी सिलेंडर की जरूरत होती है।
लेकिन हाल ही में जब उन्होंने गैस का ऑर्डर दिया तो उन्हें केवल चार सिलेंडर ही मिल पाए।
अगर यही स्थिति बनी रही तो कई हॉस्टलों के लिए संचालन जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
Patna Hotel Industry: होटलों ने बड़े ऑर्डर लेना बंद किया
गैस संकट का असर पटना के होटल उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
कई होटलों ने गैस की बचत के लिए नए बड़े ऑर्डर लेना फिलहाल बंद कर दिया है।
किचन में गैस का उपयोग केवल जरूरी कामों के लिए किया जा रहा है और इंडक्शन या कोयले के चूल्हों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
कुछ बड़े होटलों के पास केवल एक दिन का गैस बैकअप बचा होने की भी जानकारी सामने आई है।
Global Energy Impact: अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
Strait of Hormuz से होकर गुजरने वाला समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।
अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है।
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District Administration Statement: प्रशासन ने कहा गैस की कमी नहीं
इस पूरे मामले पर पटना के जिलाधिकारी Thyagarajan SM ने कहा है कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि सभी गैस कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य है।
डीएम ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर गैस बुकिंग न करें।
प्रशासन के अनुसार एलपीजी बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया पहले की तरह मिस्ड कॉल, एसएमएस, आईवीआरएस, व्हाट्सएप और ओटीपी के माध्यम से जारी है।
LPG Booking Rule: 45 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग
सरकार द्वारा हाल ही में एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियमों में भी बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतराल तय किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम पैनिक बुकिंग और जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है।
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