Rajya Sabha Elections: बिहार में NDA की बड़ी जीत, कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति से महागठबंधन को झटका

आपकी आवाज़, आपके मुद्दे

9 Min Read
बिहार राज्यसभा चुनाव में NDA की जीत के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया।
Highlights
  • * बिहार राज्यसभा चुनाव में NDA के सभी उम्मीदवारों की जीत * कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक वोटिंग में नहीं पहुंचे * कांग्रेस ने बीजेपी पर विधायकों की “चोरी” का आरोप लगाया * पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन * उम्मीदवार चयन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवाल

बिहार में हुए Rajya Sabha Elections में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बड़ी जीत दर्ज की है। इस चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।

इस चुनाव में एनडीए की एकजुटता साफ तौर पर दिखाई दी, जहां गठबंधन के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया। वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के केवल 37 विधायक ही वोट डाल पाए, जबकि जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत थी। कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक के मतदान में शामिल नहीं होने के कारण महागठबंधन का पूरा समीकरण बिगड़ गया और एनडीए ने सभी सीटों पर जीत दर्ज कर ली।

राज्यसभा चुनाव के इन नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है और कांग्रेस व महागठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।

Bihar Rajya Sabha Election Result: NDA के सभी उम्मीदवारों की जीत

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। इनमें जदयू की ओर से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर जबकि बीजेपी की ओर से नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम मैदान में थे।

एनडीए के पास पहले से ही विधानसभा में मजबूत संख्या बल था और सभी विधायकों के एकजुट मतदान ने जीत को लगभग तय कर दिया।

दूसरी तरफ महागठबंधन को उस समय बड़ा झटका लगा जब उनके कुछ विधायक मतदान में शामिल ही नहीं हुए। इससे विपक्ष का चुनावी गणित बिगड़ गया और उनके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।

यह भी पढ़ें : https://livebihar.com/rajya-sabha-elections-bihar-congress-mla-manoj/

Congress MLA Missing Voting: तीन कांग्रेस विधायक नहीं पहुंचे वोटिंग में

Rajya Sabha Elections: बिहार में NDA की बड़ी जीत, कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति से महागठबंधन को झटका 1

राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए। इस वजह से महागठबंधन के उम्मीदवार के लिए जरूरी वोट पूरे नहीं हो सके।

ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान भी वोटिंग में शामिल नहीं हुए। पार्टी नेताओं ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

वहीं कांग्रेस के तीन विधायक भी वोट डालने नहीं पहुंचे। इनमें सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास से पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पाया। इस घटना ने महागठबंधन के अंदरूनी समन्वय और रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ये सभी विधायक मतदान में शामिल होते तो चुनाव का परिणाम अलग हो सकता था।

Congress Protest Patna: विधायकों की ‘चोरी’ का आरोप, सदाकत आश्रम में प्रदर्शन

Rajya Sabha Elections: बिहार में NDA की बड़ी जीत, कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति से महागठबंधन को झटका 2

राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि उनके तीन विधायकों की “चोरी” बीजेपी ने कर ली।

इस आरोप के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना स्थित सदाकत आश्रम के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “विधायक चोरी बंद करो” के नारे लगाए।

कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका और बीजेपी पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

हालांकि, दूसरी तरफ कांग्रेस के कुछ विधायक खुद उम्मीदवार चयन को लेकर नाराजगी की बात कह चुके हैं, जिससे पार्टी के अंदर भी मतभेद सामने आ रहे हैं।

Manoj Vishwas Statement: उम्मीदवार चयन से नाराज थे विधायक

फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जानबूझकर मतदान नहीं किया क्योंकि उन्हें महागठबंधन का उम्मीदवार पसंद नहीं था।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया 5 मार्च से शुरू हो गई थी, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को इसमें शामिल नहीं किया गया।

मनोज विश्वास ने कहा,

“हमारे नेता राजेश राम का सम्मान नहीं हुआ। जब उन्हें ही इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया तो हमें भी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि राजेश राम ने विधायकों से कहा था कि वे अपने विवेक से निर्णय ले सकते हैं।

उन्होंने कहा,
“उन्होंने कहा था कि आप लोग स्वतंत्र हैं, जो करना है कीजिए। इसी आधार पर हमने मतदान नहीं करने का फैसला किया।”

Candidate Selection Controversy: उम्मीदवार चयन को लेकर उठे सवाल

मनोज विश्वास ने यह भी कहा कि उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी के भीतर पहले से ही असंतोष था।

उन्होंने बताया कि पहले हिना शहाब, अब्दुलबारी शिद्दीकी और यहां तक कि तेजस्वी यादव का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में था।

लेकिन अंत में ऐसे उम्मीदवार को टिकट दिया गया जो उनके मतदाताओं के हिसाब से सही नहीं था।

विधायक का कहना है कि अगर उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में विधायकों की राय ली जाती तो शायद ऐसी स्थिति नहीं बनती।

Surendra Kushwaha Reaction: दीपक यादव को बनाने की थी मांग

वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने भी महागठबंधन के उम्मीदवार को लेकर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग थी कि राजद नेता और बगहा चीनी मिल के मालिक दीपक यादव को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था।

सुरेंद्र कुशवाहा पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के टिकट पर वाल्मीकिनगर से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनका कहना है कि सही उम्मीदवार के चयन से महागठबंधन को नुकसान नहीं होता।

Social Representation Issue: सामाजिक प्रतिनिधित्व की अनदेखी का आरोप

मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने भी उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन ने दलित, अल्पसंख्यक या ओबीसी वर्ग से किसी उम्मीदवार को नहीं चुना।

उनका कहना था कि इन वर्गों की अनदेखी कर दूसरे कोटे से प्रत्याशी उतारा गया, जिसके विरोध में उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बिहार की राजनीति में सामाजिक समीकरण बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और ऐसे मामलों में थोड़ी सी चूक भी बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकती है।

Do Follow us : https://www.facebook.com/share/1CWTaAHLaw/?mibextid=wwXIfr

NDA Leaders Reaction: विपक्ष पर हमलावर हुए एनडीए नेता

राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

उन्होंने कहा,
“मैं एनडीए की प्रचंड जीत के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं। बिहार की जनता एनडीए के नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहती है और हम राज्य के विकास को और गति देंगे।”

वहीं चिराग पासवान ने कहा कि यह जीत गठबंधन की एकता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले से ही बिखरा हुआ था और इसी वजह से एनडीए के सभी उम्मीदवार जीतने में सफल रहे।

उपेंद्र कुशवाहा ने भी जीत के लिए मतदाताओं और गठबंधन के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

वहीं छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी एनडीए की जीत को ऐतिहासिक बताया और सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी।

Bihar Politics Impact: राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ा सियासी विवाद

बिहार राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

एक तरफ एनडीए इस जीत को अपनी राजनीतिक मजबूती बता रहा है, वहीं महागठबंधन के भीतर उम्मीदवार चयन और विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने महागठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और गर्मा सकता है।

Do Follow us : https://www.youtube.com/results?search_query=livebihar

Share This Article