बिहार में हुए Rajya Sabha Elections के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा और सभी सीटों पर एनडीए (NDA) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इस हार के तुरंत बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ कोलकाता के लिए रवाना हो गए।
- Bihar Rajya Sabha Election Result: महागठबंधन को मिली करारी हार
- Tejashwi Yadav Kolkata Visit: हार के बाद कोलकाता रवाना
- Shivanand Tiwari Statement: पराजय के बाद मैदान छोड़ना ठीक नहीं
- Leadership Debate: कार्यकर्ताओं के साथ रहने की सलाह
- Earlier Criticism: पहले भी तेजस्वी के फैसलों पर उठे हैं सवाल
- NDA Victory Reaction: एनडीए ने जीत को बताया एकजुटता का परिणाम
- Bihar Political Impact: चुनाव परिणाम के बाद बढ़ा सियासी विवाद
तेजस्वी यादव के इस फैसले पर अब सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व सांसद और लालू यादव के करीबी माने जाने वाले शिवानंद तिवारी ने इस यात्रा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि चुनावी हार के बाद मैदान छोड़ देना किसी भी नेता के लिए अच्छा संकेत नहीं होता।
राज्यसभा चुनाव के बाद इस मुद्दे ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
Bihar Rajya Sabha Election Result: महागठबंधन को मिली करारी हार
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार महागठबंधन को कम से कम एक सीट जीतने की उम्मीद थी। लेकिन वोटिंग के दौरान चार विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए, जिससे विपक्ष का गणित पूरी तरह बिगड़ गया।
इन चार विधायकों में तीन कांग्रेस के और एक राजद के विधायक शामिल थे। इनकी अनुपस्थिति के कारण महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
दूसरी तरफ एनडीए ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की।
एनडीए की ओर से भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और भाजपा के प्रदेश महामंत्री शिवेश राम राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।
इस परिणाम के बाद विपक्षी खेमे में निराशा का माहौल देखने को मिला।
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Tejashwi Yadav Kolkata Visit: हार के बाद कोलकाता रवाना
राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के तुरंत बाद तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ कोलकाता के लिए रवाना हो गए।
राजनीतिक गलियारों में उनके इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे समय में जब पार्टी को चुनावी झटका लगा हो, तब नेता को कार्यकर्ताओं के बीच रहना चाहिए।
हालांकि तेजस्वी यादव की यात्रा को लेकर उनकी ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लेकिन इस यात्रा को लेकर राजद के ही पूर्व नेता शिवानंद तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Shivanand Tiwari Statement: पराजय के बाद मैदान छोड़ना ठीक नहीं
राजद के पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट लिखकर तेजस्वी यादव के फैसले की आलोचना की।
उन्होंने लिखा,

“पराजय से ज्यादा बुरा है पराजय के उपरांत मैदान छोड़ देना। सुना है तेजस्वी कोलकाता के लिए निकल गए। इसके पहले भी विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने बिहार छोड़ दिया था और यूरोप यात्रा पर निकल गए थे।”
उन्होंने आगे कहा कि हार के बाद मैदान छोड़ देने वाले नेताओं के साथ उनके समर्थक लंबे समय तक नहीं टिकते हैं।
तिवारी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
Leadership Debate: कार्यकर्ताओं के साथ रहने की सलाह
शिवानंद तिवारी ने अपने पोस्ट के जरिए यह भी कहा कि जब पार्टी को चुनावी हार मिलती है, तब कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल बन जाता है।
ऐसे समय में पार्टी के शीर्ष नेता को कार्यकर्ताओं के साथ रहना चाहिए और उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने लिखा कि नेतृत्व की जिम्मेदारी होती है कि वह कठिन परिस्थितियों में पार्टी के साथ खड़ा रहे।
तिवारी का कहना है कि अगर नेता ही कठिन समय में पार्टी से दूर हो जाए तो कार्यकर्ताओं का भरोसा कमजोर हो सकता है।
Earlier Criticism: पहले भी तेजस्वी के फैसलों पर उठे हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के फैसलों पर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले भी वे कई बार सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी यादव की राजनीतिक रणनीतियों और फैसलों की आलोचना कर चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तिवारी के बयान से यह संकेत मिलता है कि विपक्षी खेमे के भीतर भी नेतृत्व को लेकर असहमति मौजूद है।
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NDA Victory Reaction: एनडीए ने जीत को बताया एकजुटता का परिणाम
बिहार राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद एनडीए नेताओं ने इसे गठबंधन की मजबूती बताया।
एनडीए के नेताओं का कहना है कि विपक्ष पहले से ही बिखरा हुआ था और इसी वजह से चुनाव परिणाम पूरी तरह उनके पक्ष में गया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार विधानसभा में संख्या बल और रणनीतिक एकजुटता के कारण एनडीए के लिए जीत अपेक्षित मानी जा रही थी।
Bihar Political Impact: चुनाव परिणाम के बाद बढ़ा सियासी विवाद
राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।
एक तरफ एनडीए इस जीत को अपनी राजनीतिक मजबूती के रूप में पेश कर रहा है, वहीं महागठबंधन के भीतर समन्वय और रणनीति को लेकर बहस शुरू हो गई है।
तेजस्वी यादव की कोलकाता यात्रा और शिवानंद तिवारी के बयान ने इस विवाद को और तेज कर दिया है।
अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा हो रही है कि आने वाले समय में महागठबंधन इस हार से कैसे उबरता है और विपक्ष अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है।
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