पटनाः NEET-2024 में व्यापक पैमाने पर हुई धांधली और अब यूजीसी नेट (UGC-NET) की परीक्षा रद्द होने पर आइसा (AISA) ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला दहन किया है। पटना के कारगिल चौक पर आइसा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और एनटीए (NTA) को खत्म करने की मांग की है। आइसा बिहार राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने कहा कि NTA भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है, शिक्षा माफियाओं और NTA के गठजोड़ की भी जांच होनी चहिए। आखिर शिक्ष मंत्री धर्मेन्द्र किसको बचाने के लिए अभी तक सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं कर रहे हैं और पेपर लीक से इंकार कर रहे हैं। नीट 2024 में हुई धांधली ,24 लाख छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ जुड़ा हुआ है। घोषित तारिख के 10 दिन पहले परिणाम क्यों घोषित किया गया? इसका जवाब देना होगा शिक्षा मंत्री को।
वहीं आइसा बिहार राज्य उपाध्यक्ष नीरज यादव ने कहा कि नीट के बाद यूजीसी नेट की परीक्षा में भी धांधली हुई है और परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। जो छात्र इतनी मेहनत से तैयारी करते हैं और प्रोफेसर बनने का सामना करते हैं उनके साथ अन्याय है। वो पैसे खर्च कर के दूर दूर सेंटर पर परीक्षा देने जाते हैं और झटके में पेपर रद्द हो जाना और लीक हो जाना उनको मानसिक अवसाद में डालता है।

आइसा राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम ने कहा कि नीट में कई स्तर पर धांधली हुई है। ओएमआर सीट की जांच ठीक से नहीं हुआ है, ग्रेस माक्र्स दे कर धांधली की गई है और पेपर लीक भी हुआ है। परीक्षा पे चर्चा करने वाले प्रधानमन्त्री नीट परीक्षा पर चुप्पी साधे हैं। प्रदर्शन में आइसा बिहार राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी, राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम, उपाध्यक्ष नीरज यादव, आइसा पटना विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष अनिमेष चंदन आइसा नेता हेमंत राज, जेडी विमेंस कॉलेज सचिव श्रुति कुमारी, गौतम कुमार, राखी कुमारी सहित दर्जनों छात्र मौजूद थें।
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