बिहार प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई जब पूर्व पुलिस महानिदेशक Alok Raj ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से नियुक्ति के महज पांच दिनों के भीतर ही इस्तीफा दे दिया। नीतीश सरकार ने उन्हें इसी साल 1 जनवरी को इस अहम संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन इतनी कम अवधि में उनका पद छोड़ देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
हालांकि Alok Raj ने अपने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनके इस फैसले के पीछे नाराजगी की भी चर्चा तेज है। यह घटनाक्रम राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है।
Alok Raj ने BSSC अध्यक्ष पद से क्यों दिया इस्तीफा?
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से Alok Raj का इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। विभाग ने 31 दिसंबर को उन्हें पांच वर्षों या 65 वर्ष की आयु तक — जो भी पहले हो — इस पद के लिए नियुक्त किया था। नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के बाद 1 जनवरी से उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाला था।
लेकिन पदभार ग्रहण करने के सिर्फ पांच दिनों के भीतर ही Alok Raj ने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट रूप से “निजी कारणों” का उल्लेख किया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये निजी कारण क्या हैं।
Alok Raj की नाराजगी की चर्चाएं तेज
सूत्रों के मुताबिक Alok Raj कुछ बातों को लेकर नाराज चल रहे थे। हालांकि यह नाराजगी किस मुद्दे पर और किससे थी, इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासनिक हलकों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी ने इतने कम समय में इतना बड़ा फैसला ले लिया।
मीडिया से बातचीत में Alok Raj ने कहा कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई खास वजह नहीं है और कुछ अपरिहार्य कारणों के चलते उन्होंने यह निर्णय लिया है। आगे की किसी भी योजना पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
यह भी पढ़े : https://livebihar.com/nitish-kumar-saket-singh-meeting-jdu-bihar/
Alok Raj का प्रशासनिक सफर रहा है बेहद प्रभावशाली
Alok Raj 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और उन्हें बिहार के तेजतर्रार अधिकारियों में गिना जाता है। वे मूल रूप से मुजफ्फरपुर के निवासी हैं। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से भूगर्भशास्त्र में एमएससी की पढ़ाई की थी और वे गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं।
उनका पुलिस सेवा में करियर पटना में एएसपी के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
कई जिलों में एसपी, CRPF और DGP तक का सफर
Alok Raj झारखंड की राजधानी रांची के अलावा देवघर, गुमला और हजारीबाग जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2004 से 2011 तक उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भी अपनी सेवाएं दीं।
अपने करियर के दौरान Alok Raj चार कुख्यात अपराधियों के एनकाउंटर में शामिल रहे, जिसके लिए उन्हें वीरता पदक से सम्मानित किया गया। वर्ष 2024 में बिहार सरकार ने उन्हें कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया था, जिसके बाद विनय कुमार ने उनसे पदभार ग्रहण किया।
Do Follow us. : https://www.facebook.com/share/1CWTaAHLaw/?mibextid=wwXIfr
BSSC जैसे संवेदनशील पद से इस्तीफा क्यों अहम है?
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) राज्य में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में Alok Raj जैसे वरिष्ठ अधिकारी का इस पद से अचानक इस्तीफा देना केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके प्रशासनिक और राजनीतिक निहितार्थ भी तलाशे जा रहे हैं।
भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर पहले से ही आयोग कई बार विवादों में रहा है। ऐसे समय में अध्यक्ष पद पर स्थायित्व की कमी सरकार के लिए चुनौती बन सकती है।
नीतीश सरकार के लिए असहज स्थिति
Alok Raj का इस्तीफा नीतीश सरकार के लिए भी असहज स्थिति पैदा करता दिख रहा है। एक जनवरी को नियुक्ति और छह जनवरी से पहले इस्तीफा — यह घटनाक्रम प्रशासनिक निर्णयों की गंभीरता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस इस्तीफे को लेकर और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल सरकार या सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है।
Do Follow us. : https://www.youtube.com/results?search_query=livebihar

