बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने आखिरकार विधायक पद की शपथ ले ली। दुलारचंद यादव हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में बंद अनंत सिंह को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेऊर जेल से एंबुलेंस के जरिए बिहार विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने सदन में शपथ ली।
- Anant Singh News: एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचे, सुरक्षा घेरे में हुई एंट्री
- Anant Singh News: सदन में ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार से भी हुई मुलाकात
- Anant Singh News: शपथ से पहले कोर्ट की अनुमति और सुरक्षा प्लान
- Anant Singh News: शपथ के बाद फिर लौटे बेऊर जेल
- Anant Singh News: शपथ जरूरी क्यों थी, अब क्या बदलेगा
- Anant Singh News: मोकामा सीट से बड़ी जीत, जेल से भी कायम रहा असर
- Anant Singh News: दुलारचंद यादव हत्याकांड की पृष्ठभूमि
- Anant Singh News: राजनीति में संदेश साफ, कानूनी लड़ाई अभी बाकी
पटना सिविल कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ था। कोर्ट के आदेश के अनुसार, पूरी प्रक्रिया सख्त पुलिस निगरानी में कराई गई। शपथ ग्रहण के दौरान विधानसभा परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
Anant Singh News: एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचे, सुरक्षा घेरे में हुई एंट्री
मंगलवार सुबह अनंत सिंह को बेऊर जेल से एंबुलेंस में बिहार विधानसभा लाया गया। उनके साथ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की विशेष टीम मौजूद रही। विधानसभा के बाहर और अंदर दोनों जगह अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई थी।
कोर्ट के आदेश में स्पष्ट था कि अनंत सिंह को केवल शपथ ग्रहण के लिए ही विधानसभा लाया जाएगा। इसी वजह से उनकी आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित रखी गई। एंबुलेंस सीधे विधानसभा परिसर में दाखिल हुई और शपथ की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

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Anant Singh News: सदन में ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार से भी हुई मुलाकात
एक अहम राजनीतिक संकेत यह भी रहा कि शपथ ग्रहण के दौरान अनंत सिंह की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। शपथ लेने के बाद सदन में दोनों की संक्षिप्त बातचीत भी चर्चा में रही।
हालांकि कोर्ट के आदेश के कारण अनंत सिंह किसी अन्य राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सके। उनकी मौजूदगी केवल शपथ ग्रहण तक सीमित रही, लेकिन सीएम से हुई मुलाकात को सियासी गलियारों में कई तरह से देखा जा रहा है।
Anant Singh News: शपथ से पहले कोर्ट की अनुमति और सुरक्षा प्लान
पटना सिविल कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि अनंत सिंह को केवल शपथ लेने के लिए ही बाहर लाया जाएगा और उसके बाद उन्हें वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
इसी आदेश के तहत प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा प्लान तैयार कर लिया था। विधानसभा के आसपास ट्रैफिक नियंत्रण से लेकर अंदर की गतिविधियों तक सब कुछ तय समय और तय प्रक्रिया के अनुसार हुआ।
Anant Singh News: शपथ के बाद फिर लौटे बेऊर जेल
विधायक पद की शपथ लेने के तुरंत बाद अनंत सिंह को फिर से बेऊर जेल भेज दिया गया। दुलारचंद यादव हत्याकांड में फिलहाल उन्हें जमानत नहीं मिली है।
कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जब तक उन्हें जमानत नहीं मिलती, तब तक वे न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। शपथ लेने के बाद भले ही उनका विधायक पद तकनीकी रूप से सक्रिय हो गया हो, लेकिन वे सदन की कार्यवाही में फिलहाल हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
Anant Singh News: शपथ जरूरी क्यों थी, अब क्या बदलेगा
यह जानना जरूरी है कि संविधान के अनुच्छेद 188 के तहत हर विधायक के लिए शपथ लेना अनिवार्य होता है। शपथ के बिना कोई भी विधायक न तो सदन की कार्यवाही में भाग ले सकता है और न ही उसे वेतन या भत्ता मिलता है।
अब शपथ लेने के बाद अनंत सिंह आधिकारिक रूप से विधायक बन गए हैं। हालांकि जेल में रहने के कारण उनकी सक्रिय भागीदारी संभव नहीं है, लेकिन कानूनी और संवैधानिक रूप से उनका दर्जा बहाल हो गया है।
Anant Singh News: मोकामा सीट से बड़ी जीत, जेल से भी कायम रहा असर
मोकामा विधानसभा सीट का चुनावी परिणाम पहले ही सुर्खियों में रहा है। अनंत सिंह ने 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
उन्हें कुल 91,416 वोट मिले थे, जबकि राजद प्रत्याशी वीणा देवी को 63,210 वोट प्राप्त हुए थे। जेल में बंद होने के बावजूद उनकी जीत ने यह दिखा दिया था कि मोकामा की राजनीति में उनकी पकड़ अभी भी मजबूत है।
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Anant Singh News: दुलारचंद यादव हत्याकांड की पृष्ठभूमि
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में चुनावी प्रचार के दौरान झड़प हुई थी। इस झड़प में राजद नेता और जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।
इस मामले में आरोप अनंत सिंह पर लगे। 1 नवंबर की रात उनकी गिरफ्तारी हुई और 2 नवंबर को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया। तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
Anant Singh News: राजनीति में संदेश साफ, कानूनी लड़ाई अभी बाकी
यह साफ संकेत देता है कि कानूनी चुनौतियों के बावजूद अनंत सिंह की राजनीतिक मौजूदगी बनी हुई है। शपथ ग्रहण के जरिए उन्होंने संवैधानिक औपचारिकता पूरी कर ली है, लेकिन उनकी आगे की भूमिका अब कोर्ट के फैसलों पर निर्भर करेगी।
आने वाले दिनों में उनकी जमानत याचिका और हाईकोर्ट की सुनवाई बिहार की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकती है।
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