किशनगंज: आगामी 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है। इस संदर्भ जानकारी देते हुए उतर बिहार प्रांत के पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांतीय सह संयोजक श्री देवदास ने कहा कि आयोजित महाकुंभ को हरित कुंभ बनाने की योजना के निमित वहां पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है।
किशनगंज में एक भेंट बार्ता में गुरूवार को बोल रहें थे। उन्होंने कहा कि देश व विदेश से वहां पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि महाकुंभ में स्नान के लिए आने वाले अपने साथ एक थाली और एक थैला जरूर साथ ले आयें।
पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सह संयोजक श्री देवदास ने कहा कि 45 दिनों के महाकुंभ में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने वाले हैं । इतने तीर्थयात्रियों के भोजन आदि में कितना पॉलिथिन व डिस्पोजेबल (प्लास्टिक या कागज) लग सकता है, इसकी कल्पना की जा सकती है जो कचरा बन कर तीर्थ नगरी प्रयागराज व पवित्र त्रिवेणी संगम को बुरी तरह प्रदूषित कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ में कुल 40,000 टन कचरा उत्सर्जित होने का अनुमान है ।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन अपने स्तर पर स्वच्छता व कचरा निस्तारण की व्यवस्था करेंगे ही। किंतु कचरा न हो या कम हो यह तो हम कर ही सकते हैं। इस हरित कुंभ अभियान के लिए हमारा प्रयास है कि अपना यह महाकुम्भ पर्यावरण अनुकूल बने, हरित कुम्भ बने। हमने संकल्प लिया है कि हर घर से ‘एक थाली-एक थैला’ संग्रहित कर प्रयागराज के तीर्थयात्रियों तक पहुंचाया जाये। हर कुम्भ यात्री के पास भोजन के लिये थाली हो व सामान के लिये थैला हो तो हम कचरे को बहुत कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में सबों का सहयोग मिलने की उम्मीद है।