बिहार सरकार ने राजस्व अदालतों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए समान प्रकृति के मामलों में अलग-अलग निर्णय नहीं दिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व तथा भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ में मिली शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया है, जिससे आम नागरिकों को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और एकरूप न्याय मिल सके।
Bihar Government News: विजय कुमार सिन्हा का बड़ा निर्देश—एक जैसा न्याय, एक जैसा फैसला
उपमुख्यमंत्री ने पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर सहित कई जिलों में आयोजित जन कल्याण संवाद के दौरान पाया कि राजस्व अदालतों में एक ही प्रकृति के मामलों में भिन्न-भिन्न आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय की मूल भावना “एक समान मामला, एक समान न्याय” पर आधारित होनी चाहिए।
इसके लिए सरकार ने राजस्व न्यायालयों के निर्णयों में एकरूपता लाने के लिए महाधिवक्ता (Advocate General) के विधिक परामर्श को मानक मानते हुए अदालतों के समक्ष मार्गदर्शक बनाकर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
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Bihar Government News: क्या है महाधिवक्ता के परामर्श का असर?

विभागीय प्रधान सचिव सी.के. अनिल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि अब प्रशासनिक और अर्ध-न्यायिक निर्णय लेते समय महाधिवक्ता के विधिक परामर्श को आधार बनाया जाएगा। हालांकि यह परामर्श बाध्यकारी नहीं, लेकिन एक मानक दिशा के रूप में लागू होगा ताकि निर्णयों में अनावश्यक भिन्नता न रहे।
Bihar Government News: संविधान और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का होना ज़ोर
नए दिशा-निर्देशों में संविधान के अनुच्छेद 14 तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों पर जोर दिया गया है। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आदेश पारित करने से पहले उन्हें पूरी सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा। बिना ठोस आधार या तथ्यों के दिए गए अस्पष्ट आदेशों को अवैध माना जाएगा। 
साथ ही, विधि विभाग द्वारा गठित पैनलों को एकतरफ़ा भंग करने जैसी मनमानी कार्रवाइयों पर रोक भी लगाई गई है। 
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Bihar Government News: राजस्व अदालतों में एकरूपता से न्याय व्यवस्था को मजबूती
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था के प्रभावी होने से राजस्व अदालतों के निर्णयों में एकरूपता आएगी, जिससे न केवल ऊपरी अदालतों में अपीलों की संख्या घटेगी, बल्कि आम जनता का राजस्व प्रबंधन प्रणाली (RCMS) पर भरोसा भी मजबूत होगा। 
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले वर्षों में विभागीय शिकायतों में अक्सर न्यायिक विसंगतियों के आरोप सामने आए हैं। 
Bihar Government News: क्यों आया यह बदलाव?
राजस्व विभाग में अनियमितता, जमीन के मामलों में भिन्नता और स्थानीय स्तर पर फैसलों में असमानता जैसी शिकायतें प्रशासन तक पहुंची थीं। ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ जैसे मंचों पर जनता द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस दिशा-निर्देश को लागू करने का निर्णय लिया है।
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