बिहार की राजनीति में एक भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें याद करते हुए भावभीनी बातें कहीं। मंच से सम्राट चौधरी का स्वर गंभीर भी था और संवेदनशील भी। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी का असमय जाना बिहार की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और सिद्धांत आज भी मार्गदर्शन करते हैं।
- Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Tribute: “सुशील मोदी का जाना बेहद पीड़ादायक”
- Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Statue: नीतीश कुमार के फैसले का स्वागत
- Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Loyalty: पार्टी पहले, व्यक्ति बाद में
- Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Finance Legacy: वित्त विभाग की मजबूत विरासत
- Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Vision: सपनों को पूरा करना ही लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह श्रद्धा और सम्मान से भरा रहा। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि सुशील मोदी केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि वे बिहार की राजनीति के मजबूत स्तंभ थे, जिनकी कमी आज भी महसूस होती है।
Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Tribute: “सुशील मोदी का जाना बेहद पीड़ादायक”
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सुशील कुमार मोदी का इस तरह बीच में छोड़कर चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से और राजनीतिक रूप से सुशील मोदी का योगदान अतुलनीय रहा है। उनका जीवन सादगी, सिद्धांत और संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण का उदाहरण था।
उन्होंने कहा कि सुशील मोदी ने हमेशा यह सिखाया कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का मार्ग है। उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलकर ही आज की पीढ़ी आगे बढ़ सकती है।
यह भी पढ़े : https://livebihar.com/mujhe-thand-dikhti-hai/
Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Statue: नीतीश कुमार के फैसले का स्वागत

सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया, जिसमें सुशील मोदी की आदमकद प्रतिमा लगाने की घोषणा की गई है। उन्होंने इस फैसले को सम्मान और राजनीतिक परिपक्वता का प्रतीक बताया।
उन्होंने एक भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उन्हें राजेंद्र नगर लेकर गए और वहां दो पार्क दिखाकर यह घोषणा की कि यहीं सुशील मोदी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि यह फैसला दोनों नेताओं के बीच आपसी सम्मान और राजनीतिक मर्यादा को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह 10:30 बजे ही इस कार्यक्रम के लिए तैयार थे, जो यह दिखाता है कि सुशील मोदी के प्रति उनका सम्मान कितना गहरा था।
Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Loyalty: पार्टी पहले, व्यक्ति बाद में
सम्राट चौधरी ने सुशील मोदी से जुड़ी एक पुरानी बातचीत का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्होंने एक बार उनसे पूछा था कि इतने करीबी रिश्तों के बावजूद वे नीतीश कुमार के खिलाफ विपक्ष में रहकर कैसे लड़े।
इस पर सुशील मोदी ने बड़ी सहजता से जवाब दिया था कि पार्टी तय करती है कि किससे लड़ना है और किसके साथ चलना है। उन्होंने हमेशा पार्टी के आदेश को सर्वोपरि रखा। सम्राट चौधरी ने कहा कि यही सुशील मोदी की सबसे बड़ी पहचान थी—निष्ठा, अनुशासन और संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण।
उन्होंने खुद को भी उस परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि वे भी अपने तरीके से संघर्ष करते रहे और संगठन की लड़ाई को प्राथमिकता दी।
Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Finance Legacy: वित्त विभाग की मजबूत विरासत
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने कहा कि जब उन्होंने वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाली, तब उन्हें एहसास हुआ कि यह विभाग जनता के जीवन से कितना गहराई से जुड़ा है। उन्होंने माना कि सुशील मोदी ने वित्त मंत्री के रूप में इस विभाग को बेहद कुशलता और ईमानदारी से संचालित किया।
उन्होंने कहा कि बजट से लेकर विकास योजनाओं तक, सुशील मोदी की सोच दूरदर्शी थी। उनकी नीतियों का लाभ आज भी राज्य को मिल रहा है। यही कारण है कि वे सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए एक प्रेरणा बने हुए हैं।
Do Follow us. : https://www.facebook.com/share/1CWTaAHLaw/?mibextid=wwXIfr
Bihar News Samrat Choudhary Sushil Modi Vision: सपनों को पूरा करना ही लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने अंत में संकल्प लेते हुए कहा कि मौजूदा सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य सुशील कुमार मोदी के देखे गए सपनों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास, पारदर्शी शासन और जनहित की राजनीति—यही सुशील मोदी का विजन था।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। यह श्रद्धांजलि केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि कार्यों के ज़रिए आगे बढ़ेगी।
सुशील कुमार मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि नहीं था, बल्कि उनके राजनीतिक विचारों, निष्ठा और विकास के विजन को दोहराने का अवसर भी था। सम्राट चौधरी के शब्दों में भावनाएं भी थीं और संकल्प भी। यह साफ संकेत है कि सुशील मोदी की राजनीतिक विरासत बिहार की राजनीति में लंबे समय तक मार्गदर्शक बनी रहेगी।
Do Follow us. : https://www.youtube.com/results?search_query=livebihar

