Bihar Politics: राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बयान से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाती हुई नजर आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल के मनेर विधायक भाई वीरेंद्र के एक बयान ने पार्टी के भीतर हलचल तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भाई वीरेंद्र ने अपनी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या राजद के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है, या यह सिर्फ संगठनात्मक चिंता की आवाज है।
- Bihar Politics: राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बयान से गरमाई बिहार की सियासत
- Bihar Politics: वायरल वीडियो में क्या बोले भाई वीरेंद्र?
- Bihar Politics: पार्टी से बगावत के आरोप पर भाई वीरेंद्र की सफाई
- Bihar Politics: संघर्ष का लंबा इतिहास गिनाया
- Bihar Politics: बयान का मकसद क्या है?
- Bihar Politics: राजद के लिए चेतावनी या सुधार का मौका?
भाई वीरेंद्र का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार की राजनीति पहले से ही चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक मजबूती के दौर से गुजर रही है। यही वजह है कि उनके शब्दों को सिर्फ व्यक्तिगत राय मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा रहा, बल्कि इसे पार्टी के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
Bihar Politics: वायरल वीडियो में क्या बोले भाई वीरेंद्र?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भाई वीरेंद्र कहते नजर आ रहे हैं कि पार्टी में कुछ फैसले ऐसे हुए, जिनसे संगठन को नुकसान पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टिकट किसी खास वर्ग को ही देना था, तो पहले से विधायक रहे नेता का टिकट क्यों काटा गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन नेताओं ने पार्टी के लिए संघर्ष किया, उन्हें नजरअंदाज कर बाहर के लोगों को तरजीह दी गई।
भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में यह भी कहा कि पार्टी में कुछ ऐसे नेता हैं, जो नाम के समाजवादी हैं, लेकिन व्यवहार में संगठन को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति को कई जिलों की जिम्मेदारी दे दी गई, जिससे संगठनात्मक ढांचा बिखर गया। उनके शब्दों में, “जब तक ऐसे लोग राजनीति में रहेंगे और उनके कहने पर टिकट मिलेगा, तब तक पार्टी का वही हाल होगा जो आज देखने को मिल रहा है।”
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Bihar Politics: पार्टी से बगावत के आरोप पर भाई वीरेंद्र की सफाई

वायरल वीडियो के बाद भाई वीरेंद्र पर पार्टी से बगावत करने के आरोप भी लगने लगे। हालांकि, इन आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। जब उनसे इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि उनका बयान बगावत नहीं, बल्कि संगठन की सच्चाई सामने रखने की कोशिश है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह आज भी अपने बयान पर कायम हैं कि पार्टी में कुछ लोग ऐसे हैं, जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को ऐसे तत्वों से जितनी जल्दी छुटकारा मिल जाए, उतना ही बेहतर होगा। उनके मुताबिक, यह बयान पार्टी को कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि उसे मजबूत करने की मंशा से दिया गया है।
Bihar Politics: ‘एक आदमी को कई जिलों का मालिक बना दिया गया’
अपनी सफाई में भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनका आशय किसी व्यक्ति विशेष पर निजी हमला करना नहीं था, बल्कि उस व्यवस्था की आलोचना करना था, जिसमें एक ही व्यक्ति को कई जिलों की जिम्मेदारी सौंप दी गई। उन्होंने कहा कि इससे संगठन पर नकारात्मक असर पड़ा और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हमने यही कहा है कि एक आदमी को कई जिलों का मालिक बना दिया गया और उसने सब बेच दिया।” इस बयान के जरिए उन्होंने संगठनात्मक ढांचे में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
Bihar Politics: संघर्ष का लंबा इतिहास गिनाया
बगावत के सवाल पर भाई वीरेंद्र ने अपने राजनीतिक संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह जयप्रकाश नारायण आंदोलन से लेकर लोक दल और राष्ट्रीय जनता दल तक के सफर में लगातार संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए लाठियां खाई हैं और अगर उन्हें बगावत ही करनी होती, तो वह बहुत पहले ऐसा कर चुके होते।
भाई वीरेंद्र के मुताबिक, उनका उद्देश्य कभी भी पार्टी छोड़ना या उसे नुकसान पहुंचाना नहीं रहा। वह खुद को संगठन का सिपाही मानते हैं और उसी भूमिका में अपनी बात रख रहे हैं।
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Bihar Politics: बयान का मकसद क्या है?
भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद पार्टी को कमजोर करना नहीं, बल्कि उसे सही दिशा में ले जाना है। उन्होंने कहा कि राजनीति में जब कुछ लोग खुद को ही राजा समझने लगते हैं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबने लगती है, तो संगठन कमजोर हो जाता है।
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि वोट किसी की निजी जागीर नहीं होता। जब फैसले जमीनी कार्यकर्ताओं की राय के बिना लिए जाते हैं, तो उसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ता है।
Bihar Politics: तेजस्वी यादव से हो चुकी है बातचीत
इस पूरे विवाद पर भाई वीरेंद्र ने यह भी बताया कि उनकी बातचीत तेजस्वी यादव से हो चुकी है। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव ने कहा है कि समय आने पर बैठकर इस पूरे मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व इस बयान को नजरअंदाज करने के बजाय संवाद के जरिए सुलझाने की कोशिश कर सकता है।
Bihar Politics: राजद के लिए चेतावनी या सुधार का मौका?
भाई वीरेंद्र का यह बयान राजद के लिए एक चेतावनी भी माना जा रहा है और एक अवसर भी। चेतावनी इसलिए, क्योंकि यह पार्टी के भीतर मौजूद असंतोष को उजागर करता है, और अवसर इसलिए कि समय रहते संगठनात्मक खामियों को दूर किया जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि राजद नेतृत्व इस बयान को किस नजरिए से लेता है—आलोचना के रूप में या आत्ममंथन के अवसर के रूप में।
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