Chirag Paswan Makar Sankranti पर दिल्ली में गरमाई सियासत
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दिल्ली में आयोजित दही-चूड़ा भोज के दौरान बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में सियासी पारा अचानक चढ़ गया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मौके पर विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने न केवल बिहार की राजनीति को लेकर सवाल उठाए, बल्कि विपक्षी दलों की रणनीति, नेतृत्व और आपसी असंतोष को भी खुलकर सामने रखा।
- Chirag Paswan Makar Sankranti पर दिल्ली में गरमाई सियासत
- Chirag Paswan Makar Sankranti में तेजस्वी यादव की ‘100 दिन की चुप्पी’ पर तंज
- Bihar Politics Chirag Paswan Makar Sankranti और भाषा की राजनीति पर स्पष्ट संदेश
- Bihar Politics Chirag Paswan Makar Sankranti पर बंगाल राजनीति को लेकर बड़ा दावा
- Chirag Paswan Makar Sankranti और एनडीए की राजनीतिक रणनीति
दही-चूड़ा भोज परंपरागत आयोजन होने के बावजूद इस बार पूरी तरह राजनीतिक संदेशों का मंच बन गया, जहां चिराग पासवान ने अपने बयानों से सियासी बहस को नई दिशा दे दी।
Chirag Paswan Makar Sankranti में तेजस्वी यादव की ‘100 दिन की चुप्पी’ पर तंज
चिराग पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस बयान पर तीखा हमला किया, जिसमें उन्होंने अगले 100 दिनों तक चुप रहने की बात कही थी। चिराग ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका ही सवाल पूछने और सरकार को जवाबदेह बनाने की होती है।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष खुद ही चुप रहने का फैसला कर ले, तो फिर लोकतंत्र कैसे मजबूत रहेगा। चिराग ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि तेजस्वी यादव को खामोश ही रहना था, तो नेता प्रतिपक्ष का पद किसी और को दे देना चाहिए था। इस बयान को सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष की रणनीति पर सीधा हमला माना जा रहा है।
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Bihar Politics Chirag Paswan Makar Sankranti पर कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी पर सवाल

चिराग पासवान ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में पार्टी विधायकों की अनुपस्थिति पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जब अपनी ही पार्टी के कार्यक्रम में विधायक शामिल नहीं होते, तो यह साफ संकेत है कि पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है।
उनका कहना था कि राजद और कांग्रेस के विधायकों के बीच तालमेल की कमी और गठबंधन को लेकर अंदरूनी नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। यह बयान महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है।
Bihar Politics Chirag Paswan Makar Sankranti और भाषा की राजनीति पर स्पष्ट संदेश
चिराग पासवान ने देश में भाषा को लेकर हो रही राजनीति पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भाषाएं एक-दूसरे की दुश्मन नहीं, बल्कि सहेलियां हैं। उन्होंने उन नेताओं पर निशाना साधा जो अंग्रेजी जैसी विदेशी भाषाओं को तो अपनाते हैं, लेकिन भारतीय भाषाओं के सम्मान पर सवाल खड़े करते हैं।
चिराग ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक सोच समावेशी है और उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। यह बयान उन राज्यों के नेताओं की ओर इशारा माना जा रहा है, जहां भाषा के नाम पर राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहा है।
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Bihar Politics Chirag Paswan Makar Sankranti पर बंगाल राजनीति को लेकर बड़ा दावा
पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों पर हुए हमलों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका पर सवाल उठाए। चिराग ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री का खुद एजेंसियों के सामने खड़ा होना शोभा नहीं देता।
उन्होंने पूछा कि यदि कुछ छुपाने को नहीं है, तो इतनी घबराहट क्यों है। चिराग ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में इस बार एनडीए मजबूत स्थिति में है और आगामी चुनावों में बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है।
Chirag Paswan Makar Sankranti और एनडीए की राजनीतिक रणनीति
मकर संक्रांति के मौके पर चिराग पासवान के ये बयान एनडीए की आक्रामक राजनीतिक रणनीति का संकेत देते हैं। दही-चूड़ा भोज जैसे पारंपरिक आयोजनों के जरिए न केवल सामाजिक जुड़ाव दिखाया जा रहा है, बल्कि विपक्ष को राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिश भी साफ नजर आ रही है।
चिराग पासवान ने यह स्पष्ट कर दिया कि एनडीए अब सिर्फ सरकार चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्ष की कमजोरियों को उजागर कर सियासी बढ़त बनाने की रणनीति पर भी काम कर रहा है।
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