राष्ट्रीय जनता दल में लंबे समय से जिस बड़े नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा चल रही थी, उस पर अब औपचारिक मुहर लग चुकी है। पार्टी ने तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस फैसले के बाद राजद के भीतर जहां उत्साह और नई ऊर्जा का माहौल है, वहीं परिवार और संगठन दोनों स्तर पर सियासी संकेत भी साफ नजर आने लगे हैं। तेजस्वी यादव के इस नए पदभार के बाद पहली प्रतिक्रिया उनकी बहन और राज्यसभा सांसद मीसा भारती की ओर से सामने आई है, जिसने पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन को मजबूती दी है।
Bihar Politics RJD Leadership Change पर मीसा भारती की पहली प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मीसा भारती ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को नया कार्यकारी अध्यक्ष मिला है और अब तेजस्वी पर बड़ी जिम्मेदारी है। मीसा भारती के इस बयान को केवल पारिवारिक शुभकामना के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे संगठन के भीतर तेजस्वी के नेतृत्व को वैधता देने वाला राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
उनके शब्दों में जो आत्मविश्वास झलकता है, वह यह बताता है कि राजद के शीर्ष नेतृत्व और परिवार के प्रभावशाली वर्ग की ओर से तेजस्वी यादव को पूरी स्वीकृति मिल चुकी है। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी यह संदेश साफ है कि आने वाले समय में संगठन की दिशा और दशा तय करने की जिम्मेदारी अब तेजस्वी यादव के कंधों पर होगी।
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Bihar Politics RJD Leadership Change के बीच रोहिणी आचार्य का तीखा तंज

जहां मीसा भारती का रुख समर्थन भरा नजर आया, वहीं तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया पूरी तरह अलग रही। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपने पोस्ट में पार्टी के भीतर हो रहे इस बदलाव को लेकर तंज कसते हुए इसे ‘शहजादे की ताजपोशी’ करार दिया।
रोहिणी आचार्य के इस बयान ने राजद की आंतरिक राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पार्टी के भीतर यह साफ हो गया है कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सभी की राय एक जैसी नहीं है। हालांकि, संगठनात्मक फैसलों पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह आने वाला समय बताएगा।
Bihar Politics RJD Leadership Change और संगठनात्मक रणनीति
राजद लंबे समय से यह महसूस कर रही थी कि बदलते राजनीतिक हालात में रोजमर्रा के संगठनात्मक और चुनावी फैसलों के लिए एक सक्रिय और मजबूत नेतृत्व जरूरी है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद बनाकर पार्टी ने उसी जरूरत को पूरा करने की कोशिश की है। यह पद केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि पार्टी की सत्ता संरचना में अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है।
इस जिम्मेदारी के साथ तेजस्वी यादव के हाथों में संगठन की व्यावहारिक कमान आ गई है। चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के मनोबल को मजबूत करना, संगठन का विस्तार और गठबंधन की राजनीति—इन सभी मोर्चों पर उनकी भूमिका निर्णायक रहने वाली है। पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि अब फैसले तेजी से लिए जाएंगे और जमीन पर संगठन को मजबूत करने पर ज्यादा फोकस रहेगा।
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Bihar Politics RJD Leadership Change से ‘तेजस्वी युग’ की शुरुआत
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तेजस्वी यादव का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनना राजद में ‘तेजस्वी युग’ की औपचारिक शुरुआत है। लालू प्रसाद यादव अब सक्रिय राजनीति की बजाय मार्गदर्शक की भूमिका में दिखाई देंगे। उनका अनुभव और राजनीतिक समझ पार्टी के लिए दिशा दिखाने का काम करेगी, जबकि मोर्चे पर नेतृत्व तेजस्वी यादव संभालेंगे।
मीसा भारती का खुला समर्थन इस बदलाव को और मजबूती देता है। इससे पार्टी के भीतर यह संदेश गया है कि नेतृत्व परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि सोच और कार्यशैली का भी होगा।
Bihar Politics RJD Leadership Change और पीढ़ीगत सत्ता हस्तांतरण
राजद के लिए यह फैसला केवल एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि पीढ़ीगत नेतृत्व हस्तांतरण का स्पष्ट संकेत है। पार्टी अब नए दौर की राजनीति की ओर बढ़ रही है, जहां युवा नेतृत्व को सामने लाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव इस बड़ी जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और पार्टी को किस दिशा में ले जाते हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि यह बदलाव आगामी चुनावों की रणनीति से भी जुड़ा हुआ है। संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की जिम्मेदारी अब तेजस्वी यादव के नेतृत्व में तय होगी।
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