पटना डेस्कः बिहार में गठबंधन की सरकार तो बदलती रही है, लेकिन पुलों (Bridge) के भरभराकर गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। राजनीतिक हलको में अभी अररिया पुल हादसे का शोर थमा भी नहीं था कि सिवान में एक और पुलस ध्वस्त हो गया है। दरअसल सिवान जिले के महाराजगंज प्रखंड के पटेढ़ा गांव में नहर के बीचोबीच बना नहर पुल अचानक ध्वस्त हो गया है। शनिवार को पुल गिरने की खबर आते ही स्थानीय लोगों में कोहराम मच गया। बाद में देखा गया तो पुल का स्लैब बीच से दरक कर दो टुकड़ों में टूटा हुआ था। पुल के गिर जाने से पटेढ़ा गांव के आसपास के दर्जनों गांव का संपर्क टूट गया है।
अररिया में करोड़ों का पुल धवस्त
अररिया जिले में 18 जून को करोड़ों रूपये की लागत से बना एक पुल ध्वस्त हो गया था। जिले में बकरा नदी पर बन रहा पड़रिया पुल नदी में समा गया, जिस पुल पर आवागमन के लिए वर्षों से लोग प्रतीक्षारत थे वह निर्माण के क्रम में ही ध्वस्त हो गया। 12 करोड़ की लागत से बन रहा पड़रिया पुल बन रहा था, जिसका तीन पाया नदी में समा गया है। यह पुल जिले के सिखटी प्रखंड और कुर्साकाटा प्रखंड को जोड़ने वाला था।
पुलिस हादसे की चल रही जांच
अररिया पुल हादसे को लेकर अभी जाँच रिपोर्ट आई भी नहीं थी कि अब सिवान में पुल हादसा हो जाने से राज्यों में पुलों की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। सीवान के दरौंदा प्रखंड के रामगढा में गंडक नहर पर बना यह एक छोटा पुल था। पटेढ़ी बाजार और दारौंदा प्रखंड को जोड़ने वाले पुल के टूटने से आम लोगों को काफी परेशानी होगी। स्थानीय लोगों ने पुल के रखरखाव में कमी की शिकायत की है। गनीमत रही कि पुल हादसे के समय कोई भी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था। ना ही उस दौरान कोई वाहन गुजर रहा था, जिस कारण जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई।
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