अशोक भाटिया

बॉक्स ऑफिस की ब्लॉक बस्टर फिल्म छावा की रिलीजिंग के बाद से देश भर में मुगल बादशाह औरंगजेब का विरोध हो रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अबू आजमी औरंगजेब की तारीफों के पुल बांधकर बुरी तरह से फंस गए हैं। महाराष्ट्र में अबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। अबू आजमी ने दावा किया कि औरंगजेब काल में हमारा जीडीपी विश्व के सकल घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत था और भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पलटवार करते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज को जिसने 40 दिनों तक बंधक बनाकर मारा, वह उत्तम प्रशासक कैसे हो सकता है? जिसने अपनी मां और बहनों की इज्जत लूटी, वह औरंगजेब अबू आजमी को कैसे प्यारा लग सकता है। एकनाथ शिंदे के अलावा शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने अबू आजमी के इस बयान पर नाराजगी जाहिर की है।
अबू आजमी ने फिल्म छावा पर कहा कि सारा गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए। वह क्रूर नेता नहीं था। छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच धार्मिक नहीं बल्कि सत्ता की लड़ाई थी। औरंगजेब ने 52 साल तक शासन किया। अगर वह वाकई हिंदुओं को मुसलमान बना रहा था – तो कल्पना कीजिए कि कितने हिंदुओं ने धर्म परिवर्तन किया होगा ? अगर औरंगजेब रहमतुल्लाह ने मंदिर तोड़े थे, तो उसने मस्जिदें भी तोड़ी थीं। अगर वह हिंदुओं के खिलाफ होता, तो 34% हिंदू उसके साथ नहीं होते। उसके सलाहकार हिंदू नहीं होते। इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल देने की कोई जरूरत नहीं है। यह देश संविधान से चलेगा, और मैंने हिंदू भाइयों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा है।
महाराष्ट्र में यह पहला मौका नहीं है जब औरंगजेब का जिन्न कब्र से निकला हो । कुछ दिनों से औरंगजेब का भूत कुछ युवाओं के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। ये युवा औरंगज़ेब का स्टेट्स अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लगा रहे हैं।हाल ही में मीरा-भायंदर इलाक़े के एक शख़्स ने अपने इंस्टाग्राम पर टीपू सुलतान और औरंगज़ेब का फोटो इस्तेमाल कर एक वीडियो रील बनाई और उसे अपलोड की जिसमे उसने कहा की ‘कोई यह मत समझना की हम खत्म हो गए, हम फिर आएंगे वही दौर लेकर। ‘ ऐसे ही कुछ और मामले महाराष्ट्र के कोल्हापुर, अहमदनगर, धुले और नासिक से भी सामने आये हैं। इसी साल महाराष्ट्र के अहमदनगर के संगमनेर तालुका में औरंगजेब की तारीफ में पोस्टर लगाए गए थे। हिन्दू संगठनों ने इसका विरोध किया। पोस्ट वायरल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ‘कोल्हापुर बंद’ किया था। इससे वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
तीसरी घटना महाराष्ट्र के बिड इलाक़े में सामने आई। 14 साल के लड़के ने अपने वाट्सएप पर औरंगजेब का स्टेटस रखा और उसने उसने औरंगज़ेब की तारीफ की थी। स्थानीय हिंदुत्ववादी संगठनों ने इस घटना के विरोध में ‘बंद’ बुलाया था। चौथी घटना में तो एक शख़्स ने औरंगज़ेब के राज्याभिषेक करने की बात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। इस घटना छत्रपति संभाजीनगर का है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कहा गया था कि ‘औरंगजेब का राज्याभिषेक समारोह मनाओ। पोस्ट में कहा गया था कि 364 साल के बाद औरंगज़ेब की जयंती को बड़े धूमधाम से मनाया जाना चाहिए।
5वां मामला नवी मुंबई के वाशी इलाक़े से आया। एक शख़्स औरंगज़ेब की तस्वीर अपने सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल पर लगा रखी थी, इसे देखने के बाद अमरजीत सुर्वे नाम के व्यक्ति की इसकी शिकायत वाशी पुलिस को की और फिर पुलिस ने मोहम्मद अली मोहम्मद हुसैन के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। छठवीं मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर के कागल इलाक़े में हुआ। फारुख यासीन असलकर नाम के शख़्स ने टीपू सुल्तान का पोस्ट अपने सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ़्तार किया। 7वां मामला अहमदनगर के पारनेर इलाक़े में हुआ, यहां एक 22 साल के लड़के ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट किया जिसके बाद वहाँ बंद का आयोजन किया गया। आठवाँ मामला सांगली में हुआ। बीजापुर के एक नाबालिग ने अफजल खान की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। नौवाँ मामला लातूर के किल्लारी गाँव में हुआ, जहाँ औरंगज़ेब का पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दिया। देखने वाली बात यह होगी कि ताज़ा मामला कहां जाकर रुकता है।