किशनगंज, संवाददाता
बिहार के ग्रामीण क्षेत्र के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में ग्रामीण क्षेत्र के क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। यह बातें शुक्रवार को शहर के रूईधासा में आयोजित केपीएल ग्राउंड मंच से बीआरएल के कनवेनर राजेश बैठा ने एक प्रेस वार्ता में कहीं।उन्होंने कहा कि बिहार क्रिकेट संघ(बीसीए)बिहार के खिलाड़ियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा मौका देने जा रहा है । इससे बिहार के खिलाड़ियों को अपने भविष्य को बेहतर बनाने, प्रतिभा को निखारने तथा अपने आप को स्थापित करने का सबसे बड़ा मौक मिलेगा।
राजेश बैठा ने कहा कि बिहार में सभी जिलों के वैसे प्रतिभावान खिलाड़ी जिन्हें अब तक बिहार क्रिकेट संघ या जिला क्रिकेट संघ में खेलने का मौका नहीं मिल पाया है वैसे खिलाड़ियों के लिए अब बिहार क्रिकेट संघ एक बिहार रूरल लीग (बीआरएल) कराने जा रही है ताकि गांव में छिपी प्रतिभा को ब्लॉक, पंचायत, स्कूल-कॉलेज से निकाल कर निखारा जाए एवं उन्हें सीधे खेल की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके ।
उन्होंने कहा कि बिहार रूरल लीग (बीआरएल) बिहार क्रिकेट संघ द्वारा लिए गए कुछ निर्णय के मुताबिक सभी जिलों में 16 टीमों की गठन के लिए टैलेंट हंट आयोजित किए जाएंगे। जिला क्रिकेट संघ टैलेंट हंट और अंतर-जिला लीग का आयोजन करेगी । 16 टीमों को 4 ग्रुप में विभाजित किया जाएगा, और टूर्नामेंट नॉकआउट आधार पर आयोजित किए जाएंगे।
कनवेनर ने कहा कि जिला क्रिकेट संघ अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार हेतु बड़े पैमाने पर बीसीए द्वारा होने वाले इस बिहार रूरल लीग (बीआरएल) टूर्नामेंट में अपनी भूमिका सुनिश्चित करेगी। जिसमें बीसीए से निबंधित सभी जिला संघ सदस्यों की संलिप्तता सुनिश्चित है। इसके संदर्भ में नोटिफिकेशन के जरिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) बहुत जल्द ही मैच की तिथि एवं आयोजन स्थल का निर्धारण करने वाली है।
वही जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि संघ हर परिस्थिति में जवाबदेही को निभाएंगे। इस अवसर पर केडीसीए सचिव परवेज आलम “गुड्डू”उपाध्यक्ष तारिक इकवाल एवं बीर रंजन इत्यादि उपस्थित थे।