पटनाः गंगा दशहरा के मौके पर पटना के बाढ उमानाथ गंगा घाट (Ganga Ghat) से दियारा जा रही नाव संतुलन खोकर नदी में डूब गई। इस दौरान नाव पर सवार 17 लोग नदी में डूबने लगे, जिसमें 11 लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि नाव पर लगभग 21 लोग सवार थे। बता दें कि सूचना के बाद घटनास्थल पर प्रशासन काफी देर से पहुंचा है। लोगों का कहना है कि आज के दिन प्रशासन को नव परिचालन पर रोक लगनी चाहिए थी, लेकिन नाव वाले क्षमता से अधिक यात्री को बैठाकर इस पार से उस पार ले जाते हैं। इसे देखने वाला कोई नहीं है। यहां पर प्रशासन की मौजूदगी रहती तो इस तरह की घटना नहीं होती।
सूचना के बाद पहुंचा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम वहां पहुंची और रेस्क्यू शुरू कर दिया। एसडीआरएफ की टीम लगातार छह लापता लोगों को गंगा नदी में खोज रही है। बाढ़ में गंगा दशहरा पर लोग स्नान करने के लिए जुटे थे। सुबह से हीं लोग गंगा में डूबकी लगा रहे थे। कुच लोग नाव से गंगा नदी के दूसरी तरफ जा रहे थे तभी नाव बीच नदी में असंतुलित हो गई और डूबने लगी। घटना के बाद बाढ़ के उमानाथ घाट पर मातम सा पसरा हुआ है। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। साथ ही प्रशासन पर लोग लापरवाही का आरोप भी लगा रहे हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम
मौके वारदात पर पहुंचे एसडीएम ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी में नाव डूब गई है। नाव में 17 लोगों सवार थे, 11 लोग तैर कर बाहर निकल आए, वहीं 6 लोग लापता हैं। एसडीआरएफ की टीम लोगों की तलाश कर रही है। वहीं घटना के बाद से पूरे इलाके मामत का माहौल पसरा हुआ है। उधर मरने वालों के घरों में कोहराम मचा हुआ है।
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