JDU नेता गुलाम रसूल बलियावी छोड़ देंगे पार्टी? 10 अप्रैल को इदारा-ए-शरिया लेगा फैसला

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पटनाः जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी वक्फ बिल को लेकर पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे हैं। पार्टी के बड़े मुस्लिम चेहरा भी माने जाते हैं। बता दें कि बलियावी इदारा-ए-शरिया मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष भी हैं। बिहार झारखंड उड़ीसा समेत अन्य राज्यों के इस संगठन से जुड़े लोग 10 अप्रैल को पटना पहुंच रहे हैं। पटना के सुल्तानगंज में इदारा-ए-शरिया दफ्तर में बलियावी की अध्यक्षता में बैठक होगी।

इदारा-ए-शरिया दफ्तर में 10 अप्रैल को वक्फ विधेयक पर चर्चा होगी। उस दिन बड़ा फैसला लिया जाएगा। अब सवाल उठ रहा है कि क्या उसी दिन बलियावी जदयू छोड़ने का निर्णय लेंगे? इदारा-ए-शरिया के मुफ्ती अमजद रजा ने 10 अप्रैल को होने वाली बैठक की जानकारी सभी को दी। वहीं मौलाना सैफुल्लाह अलीमी ने कहा कि मौलाना गुलाम रसूल बलियावी अपने ओलमा ए कराम व दानिशवरान के साथ 10 अप्रैल को बैठक कर आगे का फैसला लेंगे।

बता दें कि दो दिन पहले ही गुलाम रसूल बलियावी ने एक वीडियो बयान जारी कर विधेयक का विरोध किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम जल्द ही इमारत-ए-शरिया की बैठक बुलाएंगे। हमारा लीगल सेल वक्फ बिल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा. जहां भी हाईकोर्ट हैं, वहां हमारे लीगल सेल जल्द ही बैठक करेंगे। हम पूरी ताकत से लड़ेंगे. जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद बलियावी ने ये भी कहा कि लोकसभा में वक्फ विधेयक पारित होने से धर्मनिरपेक्ष और सांप्रदायिक चेहरे दोनों बेनकाब हो गए हैं।

दरअसल वक्फ बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद जेडीयू के कई बड़े मुस्लिम लीडर पार्टी से खफा हैं. उनका मानना है कि पार्टी ने मुसलमानों के हितों के खिलाफ जाकर इस बिल का समर्थन किया, जिसकी वजह से पार्टी के मुस्लिम नेता आहत हुए और कईयों ने पार्टी तक छोड़ दी। वहीं जेडीयू के बड़े चेहरे गुलाम रसूल बलियावी ने भी इस पर अपना विरोध जताया था, अब चर्चा है कि इमारत-ए-शरिया अगर उनके पार्टी छोड़ने का निर्णय लेती है, तो वो ये भी करने के लिए तैयार हैं।

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