India Israel Relations आज भारतीय विदेश नीति के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। स्वतंत्रता के बाद से लेकर 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित होने तक और फिर 21वीं सदी में रणनीतिक साझेदारी तक, दोनों देशों के रिश्तों ने कई चरण देखे हैं।
- India Foreign Policy After Independence and Israel Recognition
- Israel Palestine Conflict Background and UN Resolution 181
- India Israel Diplomatic Relations 1992: Strategic Shift
- India Israel Strategic Partnership in 21st Century
- Hamas Attack 7 October 2023 and Global Reaction
- India Israel Relations and Domestic Political Debate
यह विषय केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें Middle East Politics, Counter Terrorism Strategy और Domestic Political Debate जैसे आयाम भी जुड़े हुए हैं।
India Foreign Policy After Independence and Israel Recognition
स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru ने गुटनिरपेक्ष नीति अपनाई। भारत ने 1950 में Israel को मान्यता दी, लेकिन पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने में चार दशक लग गए।
उस समय भारत अरब देशों के साथ संतुलन बनाए रखना चाहता था। तेल आयात, पश्चिम एशिया में भारतीय कामगारों की उपस्थिति और शीत युद्ध की राजनीति महत्वपूर्ण कारक थे।
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Israel Palestine Conflict Background and UN Resolution 181
1947 में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 181 के तहत फिलिस्तीन के विभाजन का प्रस्ताव रखा गया। 1948 में इज़रायल ने स्वतंत्रता की घोषणा की, जिसके बाद क्षेत्रीय युद्ध शुरू हो गया।
गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक को लेकर संघर्ष दशकों से जारी है। यह मुद्दा आज भी Middle East Conflict का केंद्र है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करता है।
India Israel Diplomatic Relations 1992: Strategic Shift
1992 में प्रधानमंत्री P. V. Narasimha Rao की सरकार ने इज़रायल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए। यह India Israel Diplomatic Relations में ऐतिहासिक मोड़ था।
इसके बाद रक्षा, कृषि, साइबर टेक्नोलॉजी और खुफिया सहयोग में तेजी आई।
India Israel Strategic Partnership in 21st Century
21वीं सदी में India Israel Strategic Partnership और मजबूत हुई। विशेषकर प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल में संबंधों को सार्वजनिक और उच्चस्तरीय समर्थन मिला।
रक्षा सहयोग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, मिसाइल सिस्टम, कृषि नवाचार और जल प्रबंधन में इज़रायल भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बना।
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Hamas Attack 7 October 2023 and Global Reaction
7 अक्टूबर 2023 को Hamas ने इज़रायल पर बड़ा हमला किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोगों को बंधक बनाया गया।
इस घटना के बाद इज़रायल ने गाजा में व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू की। इस संघर्ष ने Global Security Debate को फिर से तेज कर दिया। दुनिया भर में इस पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
India Israel Relations and Domestic Political Debate
भारत में इज़रायल को लेकर राजनीतिक विमर्श समय-समय पर बदलता रहा है। कुछ दल इसे Counter Terrorism Cooperation के नजरिए से देखते हैं, जबकि कुछ इसे Middle East Balance के संदर्भ में परखते हैं।
विदेश नीति अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक हित और अंतरराष्ट्रीय संतुलन के आधार पर तय होती है।
India Israel Relations आज एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदल चुकी है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से शुरुआती दशकों में दूरी रही, लेकिन 1992 के बाद संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।
Middle East Conflict और Global Security Dynamics के बीच भारत संतुलित कूटनीतिक रुख बनाए रखने की कोशिश करता है। भविष्य में भी यह संबंध रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग के कारण महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
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