आरा, विशेष संवाददाता
भोजपुर जिले के कायमनगर -जीरो माइल फोर लेन सड़क के निर्माण में अतिक्रमण जैसी समस्या बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है. आरा सदर अंचलाधिकारी पल्लवी गुप्ता ने रैयती अधिकार का दावा करने के पूरे मामले की राजस्व पदाधिकारी से जांच करवाई तो कई चौकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है. अब अंचलाधिकारी ने रैयती अधिकार का दावा कर वर्षों से जमीन पर पर कब्जा जमाये लोगों की जमीन की जमाबंदी रद्द करने के लिए एडीएम को अनुशंसा भेजी है.
जमाबंदी रद्द होते ही वर्षों से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर कब्जा जमाये लोगों को जमीन खाली करना पड़ेगा. इस जमीन पर लोगों ने फिलहाल बड़े बड़े मकान, दुकान और प्रतिष्ठान खड़े कर दिए हैं. यही लोग कायमनगर -जीरो माइल फोर लेन सड़क के निर्माण में महीनों से बाधा पहुंचा रहे हैं, जिसकी वजह से इस सड़क का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं हो पाई.
अंचलाधिकारी द्वारा राजस्व विभाग से पूरे मामले की कराई गई जांच के बाद अब यह बात सामने आई है कि इस जमीन को भू-अर्जन कार्यालय ने 1958 में ही अधिग्रहित कर लिया था. इस कारण इस जमीन पर किसी भी प्रकार के रैयत का दावा नहीं बनता है.
अब आरा सदर की सीओ ने ऐसे जमीन की जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. एडीएम को अनुशंसा भेज दी गई है. अनुशंसा पर एडीएम की मुहर लगते ही भू अर्जन द्वारा अधिग्रहित जमीन पर वर्षों से कब्जा जमाये लोगों को जमीन खाली करना होगी। ऐसा होने के बाद कायमनगर -जीरो माइल फोर लेन सड़क निर्माण कार्य में तेजीआ सकती है.
अधिग्रहित जमीन पर कब्जा जमाए लोगों की रद्द होगी जमाबंदी
