मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटी JDU, अशरफ अंसारी के साथ इतने MLC ने संभाला मोर्चा

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पटनाः वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश होने के बाद जेडीयू में अल्पसंख्यक समाज के नेताओं में हड़कंप मच गई थी। लेकिन अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को एकजुट रखने के लिए जेडीयू ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रेस वार्ता की गई। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशरफ अंसारी ने पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा कि एमएलसी गुलाम गौस, खालिद अनवर, अफाक अहमद खान के समेत पूर्व सांसद मौजूद रहे।

जेडीयू दफ्तर में इसके अलावा कहकशां परवीन और अफजल अब्बास जैसे नेता मौजूद रहे। वक्फ विधेयक को लेकर जेडीयू के मुस्लिम नेताओं में कोई नाराजगी नहीं है। इस्तीफा पर साफ-साफ कहा गया कि पार्टी में सब कुछ ठीक है। विरोध जताने वाले नेताओं से मैसेज दिलाया जा सकता है कि हम पार्टी के साथ हैं। विधेयक का समर्थन कर पार्टी ने सही किया।

दरअसल चुनावी साल में आरजेडी लगातार सीएम नीतीश कुमार की घेराबंदी कर रहा है कि वह मुस्लिम विरोधी हैं। विधेयक का समर्थन पार्टी ने संसद में किया। नीतीश की सेक्युलर छवि को लगातार डेंट मारने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि वक्फ़ बिल से नाराज़ भोजपुर के जेडीयू के दो पार्टी सदस्य मो दिलशान राइन और युवा जेडीयू नेता अफरीदी खान ने पार्टी से एवं अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने जेडीयू जिला अध्यक्ष को त्यागपत्र लिखा है। पत्र में लिखा है, “वक्फ संशोधन बिल के प्रति आपकी पार्टी के समर्थन ने मेरे विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है।

मुजफ्फरपुर में जेडीयू के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी का दामन छोड़ घर पर लगाए गए पार्टी के लगे हुए नेम प्लेट को भी तोड़कर के विरोध जताया। जिले में जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अफरीदी रहमान ने अपने दो दर्जन समर्थकों के साथ पार्टी के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार के साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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