ग़ाज़ियाबाद के साहिबाबाद इलाके से सामने आई घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों द्वारा नौवीं मंज़िल से कूदकर कथित सामूहिक आत्महत्या किए जाने की खबर ने समाज, अभिभावकों और मनोवैज्ञानिकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। यह मामला केवल पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि डिजिटल लत, स्क्रीन कल्चर और किशोर मानसिकता से जुड़ा गंभीर सामाजिक संकेत भी बनकर उभरा है।
पुलिस जांच में जो शुरुआती तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं और बच्चों पर बढ़ते डिजिटल प्रभाव को लेकर कई सवाल खड़े करते हैं।
Korean Culture Suicide Case Ghaziabad – आधी रात का खौफनाक कदम
पुलिस के अनुसार घटना मंगलवार देर रात की है। रात करीब 1:45 बजे तीनों बहनें चुपचाप अपने बिस्तर से उठीं।
जांच में सामने आया कि:
• उन्होंने पहले अपनी मां के गाल पर किस किया
• पिता से “आई लव यू” कहा
• फिर मंदिर वाले कमरे में चली गईं
• अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया
कुछ ही देर बाद टीलामोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में नौवीं मंज़िल से कूदने की तेज आवाज़ आई, जिससे परिवार और आसपास के लोग दहल उठे।
जब तक लोग नीचे पहुंचे, तब तक तीनों गंभीर हालत में थीं। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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Korean Culture Suicide Case Ghaziabad – मोबाइल छीनने के बाद बदला व्यवहार
पुलिस और परिवार के बयान के अनुसार तीनों बहनें लंबे समय से मोबाइल फोन में अत्यधिक व्यस्त रहती थीं।
बताया गया कि वे:
• कोरियन गेम खेलती थीं
• K-Drama और वेब सीरीज देखती थीं
• कोरियन पॉप कल्चर से गहराई से प्रभावित थीं
परिजनों ने जब उनकी बढ़ती स्क्रीन लत और व्यवहार में बदलाव देखा, तो कुछ दिन पहले पिता ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था।
परिवार का मानना है कि इसके बाद से तीनों बहनों का व्यवहार असामान्य हो गया था।
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Korean Culture Suicide Case Ghaziabad – सुसाइड नोट में क्या लिखा मिला

घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुसाइड नोट में लिखा था कि:
• उन्हें कोरियन कंटेंट देखने से रोका जा रहा था
• मोबाइल फोन छीन लिया गया था
• वे अपनी “दुनिया” से अलग नहीं होना चाहती थीं
हालांकि पुलिस ने नोट की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है। हैंडराइटिंग और अन्य फॉरेंसिक परीक्षण कराए जा रहे हैं।
Korean Culture Suicide Case Ghaziabad – तीनों बहनों की उम्र कम, असर गहरा
मृतक बहनों की उम्र क्रमशः:
• 16 वर्ष
• 14 वर्ष
• 12 वर्ष
बताई गई है।
इतनी कम उम्र में सामूहिक आत्महत्या जैसा कदम उठाया जाना मनोवैज्ञानिक दृष्टि से बेहद गंभीर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
• डिजिटल दुनिया किशोरों की भावनात्मक संरचना को प्रभावित करती है
• वर्चुअल पहचान वास्तविक जीवन पर हावी हो सकती है
• स्क्रीन हटने पर खालीपन व आक्रोश पैदा हो सकता है
Korean Culture Suicide Case Ghaziabad – पुलिस जांच किन बिंदुओं पर
पुलिस ने मामले में कई एंगल से जांच शुरू की है।
जांच के प्रमुख बिंदु:
• सुसाइड नोट की सत्यता
• मोबाइल डेटा रिकवरी
• देखे गए कंटेंट का विश्लेषण
• मानसिक स्वास्थ्य इतिहास
• परिवार व दोस्तों के बयान
तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
डिजिटल लत बनाम अभिभावक नियंत्रण – बड़ा सामाजिक सवाल
यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामने खड़ा प्रश्न है:
• बच्चों को मोबाइल कब देना चाहिए?
• स्क्रीन टाइम कितना हो?
• कंटेंट मॉनिटरिंग कैसे हो?
• अचानक रोकना सही या चरणबद्ध तरीका?
विशेषज्ञ मानते हैं कि:
अचानक डिजिटल कटऑफ बच्चों में झटका, अवसाद और विद्रोह पैदा कर सकता है।
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कोरियन वेव और भारतीय किशोर
पिछले कुछ वर्षों में K-Pop, K-Drama और कोरियन गेमिंग कल्चर का प्रभाव भारतीय किशोरों में तेज़ी से बढ़ा है।
इसके प्रभाव:
• भाषा व व्यवहार की नकल
• देर रात स्क्रीन आदत
• सामाजिक अलगाव
• भावनात्मक निर्भरता
हालांकि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का हिस्सा है, लेकिन अत्यधिक लत मानसिक स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण मानी जा रही है।
अंतिम सवाल: गलती किसकी — तकनीक, कंटेंट या संवाद की कमी?
यह घटना कई स्तरों पर सोचने को मजबूर करती है:
• क्या बच्चों को डिजिटल दुनिया ने निगल लिया?
• क्या अभिभावक संवाद कमजोर था?
• क्या स्कूल मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं?
सवालों के जवाब जांच के बाद मिलेंगे, लेकिन यह तय है कि यह घटना चेतावनी है।
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