वर्ष 2026 का पहला और महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाक्रम 3 मार्च, मंगलवार को देखने को मिलेगा, जब Lunar Eclipse 2026 के रूप में पूर्ण चंद्र ग्रहण घटित होगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की प्रच्छाया (छाया) में आ जाएगा, जिससे वह कुछ समय के लिए गहरे लाल या तांबे रंग का दिखाई देगा। यह जानकारी भारतीय मौसम विभाग द्वारा साझा की गई है।
यह दृश्य विज्ञान प्रेमियों, छात्रों और आम लोगों के लिए एक रोमांचक और भावनात्मक अनुभव साबित हो सकता है, क्योंकि इस दिन आसमान में एक दुर्लभ और प्रभावशाली परिवर्तन देखने को मिलेगा।
Lunar Eclipse 2026 क्या है और यह कैसे होता है?
Lunar Eclipse 2026 पूर्ण चंद्र ग्रहण की श्रेणी में आता है। खगोल विज्ञान के अनुसार जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक जाता है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है।
इसके विपरीत, जब चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है, तो उसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
3 मार्च 2026 को होने वाले इस ग्रहण का परिमाण 1.155 बताया गया है, जिसे एक गहरा और पूर्ण चंद्र ग्रहण माना जा रहा है। यह परिमाण इस बात का संकेत है कि चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूरी तरह समाहित रहेगा और उसका रंग गहरा लाल या तांबे जैसा दिखाई देगा।
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भारत समेत कई देशों में दिखाई देगा Lunar Eclipse 2026

Lunar Eclipse 2026 केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा। यह पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कई हिस्सों में भी देखा जा सकेगा।
भारत में अधिकांश स्थानों पर चंद्रोदय के समय ग्रहण का समापन चरण दिखाई देगा। इसका अर्थ है कि जब चंद्रमा उदय होगा, तब ग्रहण अपने अंतिम चरण में होगा।
हालांकि, उत्तर-पूर्वी भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण चरण का अंतिम हिस्सा भी देखा जा सकेगा। यह तथ्य इस खगोलीय घटना को और भी खास और दुर्लभ बनाता है।
भारत में Lunar Eclipse 2026 का समय (IST)
भारत में Lunar Eclipse 2026 का समय इस प्रकार रहेगा:
ग्रहण का प्रारंभ: 15:20 बजे (दोपहर 3:20)
पूर्णता का प्रारंभ: 16:34 बजे (शाम 4:34)
पूर्णता की समाप्ति: 17:33 बजे (शाम 5:33)
ग्रहण की समाप्ति: 18:48 बजे (शाम 6:48)
इन समयों के अनुसार ग्रहण का पूर्ण चरण लगभग 1 घंटे तक रहेगा। यह समयावधि दर्शकों को आकाश में एक अद्भुत और ऐतिहासिक दृश्य देखने का अवसर देगी।
क्या Lunar Eclipse 2026 को देखना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार Lunar Eclipse 2026 को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण या सुरक्षा चश्मे की आवश्यकता नहीं होती।
यह बात इसे और भी सुलभ और आकर्षक बनाती है। छात्र, विज्ञान प्रेमी और आम नागरिक बिना किसी डर के इस खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं।
आकाश में चंद्रमा का गहरे लाल रंग में बदलना एक भावनात्मक और रोमांचक अनुभव हो सकता है, जो साल 2026 की पहली बड़ी खगोलीय घटना के रूप में याद रखा जाएगा।
होली से पहले Lunar Eclipse 2026 का धार्मिक प्रभाव
Lunar Eclipse 2026 होली के ठीक पहले पड़ रहा है, जिसके कारण इसका असर कई धार्मिक कार्यों पर देखने को मिलेगा।
सूतक अवधि के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। यह परंपरा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निभाई जाती है।
ग्रहण की समाप्ति के बाद स्नान करने की परंपरा है। ऐसे में लोग नदियों, सरोवरों और अन्य जलाशयों में स्नान कर सकते हैं और उसके बाद दान कर सकते हैं।
होली से पहले यह खगोलीय घटना धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है और कई लोगों के लिए यह विशेष आस्था और अनुशासन का समय होगा।
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Lunar Eclipse 2026: विज्ञान और परंपरा का संगम
3 मार्च 2026 को होने वाला यह पूर्ण चंद्र ग्रहण विज्ञान और परंपरा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
एक ओर यह खगोल विज्ञान की दृष्टि से 1.155 परिमाण वाला गहरा और पूर्ण ग्रहण है, तो दूसरी ओर होली से पहले पड़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव दिखेगा।
भारत सहित पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देने वाला यह दृश्य 2026 का एक बड़ा और ऐतिहासिक खगोलीय क्षण साबित होगा।
Lunar Eclipse 2026 न केवल आसमान में रंगों का अद्भुत परिवर्तन दिखाएगा, बल्कि लोगों को प्रकृति और ब्रह्मांड की विशालता का भी एहसास कराएगा।
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