नेशनल लेवल के लिए सेलेक्ट हुआ माहेश्वरी का मॉडल: बाल विज्ञान कार्यक्रम में तालाब पुनरुत्थान और एकीकृत रेशम पालन मॉडल का प्रदर्शन

By Team Live Bihar 126 Views
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बेगूसराय: बेगूसराय के माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल की छात्रा ने अपने टैलेंट से स्कूल के साथ पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। अपने हुनर से नाम रौशन करने वाली छात्र माहेश्वरी शंकर का बनाया हुआ मॉडल नेशनल लेवल पर सेलेक्ट किया गया है। माहेश्वरी ने बाल विज्ञान कार्यक्रम में अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

छात्रा माहेश्वरी ने पौंड रेस्टोरेशन एंड इंटीग्रेटेड सेरीकल्चर: ए पाथ टू रेजुवेनेट पौंड नाम के प्रोजेक्ट पर काम किया है। जिसके लिए उसके प्रोजेक्ट को नेशनल लेवल पर चुना गया है। उसकी यह उपलब्धि से साबित करती है कि समाजहित और राष्ट्रहित के लिए प्रोजेक्ट पर काम गांव के ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे भी कर सकते हैं।

अपने प्रोजेक्ट को लेकर माहेश्वरी शंकर ने बताया कि इसका मतलब होता है कि तालाब पुनरुत्थान और एकीकृत रेशम पालन। जो जलाशयों के पुनरुत्थान और रेशम उद्योग को एकीकृत कर पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास का एक सशक्त उदाहरण है। जो तालाबों को पुनर्जीवित करने का मार्ग जलाशय, विशेष रूप से तालाब, ग्रामीण पारिस्थितिकी का अभिन्न हिस्सा है।

यह न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद करता है बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और समुदायों की आजीविका में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बेगूसराय जैसे जिलों में जहां तालाबों का महत्व उच्च है, प्रदूषण, अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण इनका महत्व घटता जा रहा है।

माहेश्वरी शंकर के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य तालाबों के पुनरुत्थान को एरी रेशम पालन (Eri Sericulture) के साथ जोड़ना है। जिससे न केवल तालाबों की पारिस्थितिकीय स्थिति में सुधार हो, बल्कि ग्रामीण समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के साधन भी उपलब्ध हो। इस परियोजना में बेगूसराय के रेशम अंडी फार्म ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
स्कूल के निदेशक डॉ. मनीष देवा ने कहा कि यह माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल के लिए गर्व का पल है। माहेश्वरी की लगन, मेहनत और नवाचार के प्रति उनका समर्पण इस उपलब्धि का आधार है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण को बचाने का संदेश देता है, बल्कि स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

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