पटना, संवाददाता।
शराबबंदी कानून को लेकर गुरुवार को विधानसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार से मांग किया कि ताड़ी को शराबबंदी से अलग किया जाए। मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने बड़ा खुलासा करते हुए सदन में कहा कि राजद विधायक सर्वजीत कुमार शराब का धंधा करते हैं। इतना नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजद के कई नेता शराब के धंधे में लिप्त हैं।
सदन से बाहर रत्नेश सदा से पत्रकारों ने शराबबंदी और राजद विधायक को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि जो पीने वाला है, वह अच्छे इंसान को देखकर भागता है। जहां तक सर्वजीत की बात है तो वे लोग खुद इसके व्यापार में संलिप्त हैं। राजद के कई लोग इस कारोबार में शामिल हैं और सरकार को बदनाम करते हैं। सरकार इस दिशा में कार्रवाई कर रही है। कई लोगों को पकड़ा भी गया है। गुजरात मॉडल लागू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी का कानून कभी खत्म नहीं होगा।
कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास ने शराबबंदी को खत्म करने की वकालत करते हुए कहा कि सिर्फ कानून लागू है। बिहार में हर जगह शराब मिलती है। सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और अपराधी शराब बेचकर कमाई कर रहे हैं। नकली शराब पीकर लोगों की जान जा रही है। वहीं, सदन से बाहर निकलने पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधानमंडल में सदस्यों के मोबाइल के साथ आने पर रोक लगाने की मांग के मुद्दे पर जोरदार चुटकी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कहते हैं कि मोबाइल से 10 साल में दुनिया खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के दृष्टिकोण से सदन को पेपरलेस बनाने की दिशा में प्रश्नों के ऑनलाइन उत्तर देने की व्यवस्था की गई है। अगर किसी सदस्य को पूरक प्रश्न पूछना है तो उसे मोबाइल अथवा टैब से देखकर पूछना ही होगा, लेकिन बिहार के कम्प्यूटर निरक्षर मुख्यमंत्री को उससे भी दिक्कत है। दुर्भाग्य है कि बिहार को ऐसे रूढ़िवादी मुख्यमंत्री मिले है जो टेक्नोलॉजी के साथ-साथ युवा, छात्र और महिला विरोधी है।
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