UPSC Topper Monika Srivastava: औरंगाबाद की बेटी ने रचा इतिहास, पूरे भारत में हासिल किया 16वां स्थान

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औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने UPSC परीक्षा में 16वां स्थान हासिल किया।
Highlights
  • • औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने UPSC में हासिल किया 16वां स्थान • अपनी सफलता को माता-पिता और परिवार को किया समर्पित • IIT प्रवेश परीक्षा भी कर चुकी हैं पास • 2022 में BPSC में छठा स्थान हासिल किया था • वर्तमान में भारतीय रेलवे सेवा में प्रशिक्षण ले रही हैं

Aurangabad, Bihar की रहने वाली Monika Srivastava ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में पूरे देश में 16वां स्थान हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से जिले में खुशी का माहौल है।

मोनिका ने अपनी इस उपलब्धि को अपने माता-पिता और परिवार को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए काम करना चाहती हैं।

औरंगाबाद के परिवार से हैं मोनिका श्रीवास्तव

Monika Srivastava औरंगाबाद के सत्येन्द्र नगर की निवासी हैं। उनके पिता बी.के. श्रीवास्तव सहायक अभियंता हैं और उनकी माता भारती श्रीवास्तव हैं।

मोनिका प्रतिष्ठित पत्रकार कमल किशोर की भगिनी भी हैं, जो नवबिहार टाइम्स अखबार के संपादक हैं। परिवार का कहना है कि मोनिका बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही हैं।

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शुरुआती पढ़ाई औरंगाबाद से

मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा औरंगाबाद के सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की।

स्कूल के समय से ही वह पढ़ाई में अव्वल रही हैं और शिक्षकों के अनुसार उनमें शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था।

IIT और BPSC में भी हासिल की थी सफलता

UPSC Topper Monika Srivastava: औरंगाबाद की बेटी ने रचा इतिहास, पूरे भारत में हासिल किया 16वां स्थान 1

यूपीएससी की इस बड़ी सफलता से पहले भी मोनिका कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं।

उन्होंने पहले आईआईटी प्रवेश परीक्षा भी पास की थी। इसके बाद वर्ष 2022 में Bihar Public Service Commission की परीक्षा में छठा स्थान हासिल किया था।

वर्ष **2024 में Union Public Service Commission की परीक्षा में उन्हें 455वीं रैंक मिली थी। वर्तमान में वह भारतीय रेलवे सेवा के अंतर्गत ट्रेनिंग अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

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पहले प्रयास के अनुभव से मिली बड़ी सफलता

मोनिका का कहना है कि पहले प्रयास में मिली रैंक ने उन्हें अपनी तैयारी को और बेहतर बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपनी रणनीति में सुधार किया और लगातार मेहनत जारी रखी।

उनके अनुसार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत सबसे जरूरी है।

समाज के लिए काम करना चाहती हैं

अपनी सफलता के बाद मोनिका ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने का उनका मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद करना है।

उन्होंने कहा कि अगर सही नीयत से काम किया जाए तो प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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