मुजफ्फरपुर, संवाददाता
मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध शाही लीची के बागानों में इस साल अच्छे मंजर आए हैं। करीब 90 प्रतिशत पेड़ों में मंजर दिखाई दे रहे हैं, जो फूलों में बदल रहे हैं। मौसम भी लीची के लिए अनुकूल है। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक शहद उत्पादन की संभावना है। शहद उत्पादन के लिए बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी मधु पालक यहां आए हैं। मनिका हरिकेश, नवादा, नया गांव, नरौली और रघुनाथपुर समेत कई गांवों में विभिन्न राज्यों के मधु पालक डेरा डाले हुए हैं।
मध्य प्रदेश से आए मधु पालक सुरेंद्र राय के अनुसार, इस साल मौसम बेहद अनुकूल है। दो बार शहद निकाला जा चुका है। एक महीने में चार बार शहद निकालने की संभावना है। शहद को एजेंटों के माध्यम से बेचा जाता है। किसान मुक्तेश्वर प्रसाद सिंह बताते हैं कि मधुमक्खी पालन से किसानों को दोगुना लाभ मिलता है। बागानों में मधुमक्खियों की उपस्थिति से परागण की प्रक्रिया बढ़ती है। इससे लीची का उत्पादन बढ़ता है और किसानों को अतिरिक्त आय भी होती है।
लीची से प्राप्त शहद में औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह अन्य प्रकार के शहद की तुलना में अधिक कीमत पर बिकता है। व्यापारियों का कहना है कि अनुकूल मौसम के कारण शहद उत्पादन में वृद्धि हो रही है।
मुजफ्फरपुर की शाही लीची में बंपर मंजर,कई राज्यों से पहुंचे मधु पालक शहद उत्पादन में 40% की वृद्धि, किसानों को दोगुना लाभ
