नई दिल्ली, एजेंसी।
अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ 3 घंटे के इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा कि मेरी ताकत मेरे नाम में नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों और देश की कालातीत संस्कृति और विरासत के समर्थन में निहित है। जब मैं विश्व के नेताओं से हाथ मिलाता हूं, तो ऐसा मोदी नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीय करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गोधरा मामले को लेकर एक झूठी कहानी फैलाई गई। 2002 से पहले गुजरात में 250 से ज़्यादा दंगे हुए थे और सांप्रदायिक हिंसा अक्सर होती थी। 2002 के बाद से गुजरात में एक भी ऐसा दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि दंगों के बाद कैसे लोगों ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। लेकिन आखिरकार न्याय की जीत हुई और अदालतों ने उन्हें निर्दोष करार दिया।
पीएम मोदी ने कहा मेरी सरकार वोट बैंक की राजनीति नहीं करती बल्कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के सिद्धांत पर चलती है। उन्होंने कहा कि जब भी हम शांति की बात करते हैं, तो दुनिया हमारी बात सुनती है, क्योंकि भारत गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि है। मैंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को आमंत्रित किया था, ताकि एक नया अध्याय शुरू कर सकूं, लेकिन शांति के हर प्रयास का सामना दुश्मनी और विश्वासघात से हुआ। पाकिस्तान के लोग शांति चाहते हैं। हम पूरी ईमानदारी से आशा करते हैं कि पाकिस्तान को एक दिन सद्बुद्धि आएगी और वह शांति का रास्ता अपनाएगा। अपनी आलोचना के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं किसी भी तरह की आलोचना का स्वागत करता हूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह लोकतंत्र की आत्मा है।
वैश्विक संघर्ष पर मोदी ने यूक्रेन, मध्य पूर्व और अमेरिका-चीन संबंधों में संघर्षों सहित बढ़ते वैश्विक तनावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोविड ने हर देश की सीमाओं को उजागर किया है। इससे सीखने के बजाय दुनिया और अधिक विखंडित हो गई है। उन्होंने वैश्विक नियमों को लागू करने में संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की विफलता की आलोचना करते हुए कहा कि स्थिरता बनाए रखने के लिए बनाई गई संस्थाएं प्रासंगिकता खो रही हैं। विस्तारवाद से सहयोग की ओर बदलाव की वकालत करते हुए मोदी ने दोहराया कि दुनिया एक दूसरे पर निर्भर है। कोई भी देश अकेले नहीं खड़ा हो सकता। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता शांति सहयोग और विकास है। चीन के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि हमारे संबंध भविष्य में भी इसी तरह मजबूत बने रहेंगे। हम 2020 से पहले के स्तर पर स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने अपने अपने माता-पिता की मेहनत और अनुशासन को याद करते हुए अपने जीवन संघर्ष के बारे में बताया। पीएम ने कहा कि हमारी मां ने बहुत मेहनत की और मेरे पिता भी बहुत अनुशासित थे। वह हर सुबह 4:00 या 4:30 बजे घर से निकलते थे, मंदिरों में जाते थे और फिर अपनी दुकान पर काम करने पहुंचते थे। हमारा घर बहुत छोटा था। इस वक्त हम जहां बैठे हैं, वो तब भी बड़ी जगह है। मेरे घर में कोई खिड़की भी नहीं थी। हमने कभी गरीबी का बोझ फील नहीं किया।
लेक्स फ्रिडमैन ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने साक्षात्कार के सम्मान में 45 घंटे तक केवल पानी पीकर उपवास किया। पीएम मोदी ने बताया कि उपवास केवल भोजन छोड़ने के बजाय एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और यह पारंपरिक और आयुर्वेदिक प्रथाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सुस्ती महसूस करने के बजाय, उपवास उन्हें अधिक ऊर्जावान बनाता है और उन्हें और भी अधिक मेहनत करने की अनुमति देता है।