पटना एयरपोर्ट उस समय राजनीतिक उत्साह का केंद्र बन गया जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin रविवार को राजधानी पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों, फूल-मालाओं और गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों का उत्साह इस बात का संकेत था कि संगठन के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर ऊर्जा और उम्मीद दोनों मौजूद हैं।
दिल्ली से पटना पहुंचे इस दौरे में उनके साथ केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh और बिहार के उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट परिसर में कार्यकर्ताओं की भीड़ ने इसे एक तरह का शक्ति प्रदर्शन बना दिया।
Nitin Nabin Patna Visit: एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय तक शक्ति प्रदर्शन
राजधानी पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से स्वागत किया, वह महज औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाला माना जा रहा है। समर्थकों ने पारंपरिक अंदाज़ में फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया और जगह-जगह स्वागत द्वार भी लगाए गए थे।
एयरपोर्ट से निकलने के बाद उनका काफिला सीधे पार्टी कार्यक्रमों की ओर बढ़ा। रास्ते भर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि संगठनात्मक स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्य में उनका हर दौरा सिर्फ औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि संगठनात्मक ताकत का आकलन भी होता है।
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Nitin Nabin Patna Visit: संगठनात्मक बैठकों में रणनीति पर मंथन
अपने पटना प्रवास के दौरान वे पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ होने वाली बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है।
बैठक में संभावित चर्चा के प्रमुख बिंदु:
• संगठनात्मक मजबूती
• बूथ स्तर तक विस्तार
• कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका
• आगामी चुनावी रणनीति
• युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की योजना
सूत्रों के अनुसार, राज्य इकाई को राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के साथ बेहतर तालमेल में लाने पर भी चर्चा हो सकती है। यह बैठक आने वाले चुनावी समीकरणों के लिहाज से दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
Nitin Nabin Patna Visit: महाशिवरात्रि पर धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता
दौरे के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी की भी संभावना जताई जा रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर वे कुछ प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सकते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों को सांस्कृतिक जुड़ाव और जनसंपर्क दोनों से जोड़ा जाता है। इससे कार्यकर्ताओं और आम समर्थकों के बीच संदेश जाता है कि नेतृत्व सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
हाल ही में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश राजनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का उनका सफर संगठनात्मक सक्रियता, रणनीतिक सोच और जमीनी पकड़ के कारण चर्चा में रहा है।
बिहार भाजपा में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिलना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
• पीढ़ीगत बदलाव का संकेत
• संगठन विस्तार की रणनीति
• युवा नेतृत्व को प्रमोट करने की कोशिश
• राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय
पार्टी के भीतर इसे भविष्य की लंबी राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
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पहले दौरे के बाद दूसरा पटना आगमन क्यों अहम?
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वे पिछले सप्ताह पहली बार पटना आए थे। उस दौरे में भी संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ताओं से संवाद पर जोर रहा था।
अब कम समय में उनका दोबारा आगमन कई संकेत दे रहा है:
1. बिहार संगठन पर विशेष फोकस
2. चुनावी तैयारियों की प्रारंभिक रूपरेखा
3. स्थानीय नेतृत्व के साथ तालमेल
4. जमीनी फीडबैक संग्रह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार जैसे बड़े राजनीतिक राज्य में संगठन को धार देना राष्ट्रीय रणनीति का अहम हिस्सा होता है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह, नेतृत्व पर भरोसा
दूसरे दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। एयरपोर्ट से लेकर पार्टी कार्यालय तक बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर संगठन में सकारात्मक माहौल है।
कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में संगठनात्मक ढांचे को और आक्रामक बनाया जा सकता है, खासकर बूथ और मंडल स्तर पर।
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