भारतीय जनता पार्टी को इतिहास का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल चुका है। 45 वर्षीय नितिन नवीन ने मंगलवार, 20 जनवरी को औपचारिक रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और जेपी नड्डा सहित पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई। यह केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी वर्षों की दिशा तय करने वाला फैसला माना जा रहा है।
नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना इस बात का संकेत है कि भाजपा अब युवा नेतृत्व और तेज़ निर्णयों के दौर में प्रवेश कर चुकी है। पार्टी नेतृत्व उनसे केवल भाषण नहीं, बल्कि ज़मीन पर परिणाम चाहता है।
Nitish Navin BJP National President: सबसे पहली चुनौती—आगामी विधानसभा चुनाव
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आगामी विधानसभा चुनाव हैं। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में होने वाले चुनाव उनके नेतृत्व की पहली अग्निपरीक्षा माने जा रहे हैं। इन राज्यों के नतीजों के साथ ही यह चर्चा शुरू हो जाएगी कि नया अध्यक्ष सफल रहा या पार्टी को निराशा हाथ लगी।
खासकर दक्षिण भारत में पार्टी के जनाधार को बढ़ाना और कर्नाटक में दोबारा सत्ता में वापसी कराना नितिन नवीन के लिए बड़ी परीक्षा है। यही कारण है कि उन्होंने पहले ही दिन से संगठन को चुनावी मोड में झोंक दिया।
यह भी पढ़े : https://livebihar.com/noida-sector-150-accident-system-failure/
Nitish Navin BJP National President: पहले दिन ही ताबड़तोड़ नियुक्तियाँ

राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभालते ही नितिन नवीन ने केरल, तेलंगाना, कर्नाटक (बेंगलुरु) और चंडीगढ़ के लिए चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति कर दी। यह साफ संदेश था कि अब संगठन में ढील नहीं चलेगी।
केरल विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी बनाया गया। साथ ही उन्हें चंडीगढ़ मेयर चुनाव का पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया गया है। केरल के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को सह चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जो कर्नाटक से सांसद हैं।
Nitish Navin BJP National President: कर्नाटक पर खास नजर, राम माधव की वापसी
दक्षिण भारत में भाजपा के लिए सबसे अहम राज्य कर्नाटक को माना जाता है। यही वजह है कि नितिन नवीन ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए वरिष्ठ नेता राम माधव को ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है।
राम माधव पार्टी के रणनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं और अमित शाह के कार्यकाल में राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। उनके साथ राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और महाराष्ट्र के विधायक संजय उपाध्याय को सह प्रभारी बनाया गया है। यह नियुक्ति बताती है कि पार्टी कर्नाटक में सत्ता वापसी को लेकर गंभीर है।
Do Follow us : https://www.facebook.com/share/1CWTaAHLaw/?mibextid=wwXIfr
Nitish Navin BJP National President: तेलंगाना में भी आक्रामक रणनीति
तेलंगाना में होने वाले नगर निगम चुनावों को लेकर भी नितिन नवीन ने कोई ढील नहीं दी। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार को तेलंगाना का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और हरियाणा से राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इन फैसलों से यह साफ हो गया है कि नितिन नवीन केवल संगठन चलाने नहीं, बल्कि चुनाव जीतने के एजेंडे के साथ आए हैं।
Nitish Navin BJP National President: युवा नेतृत्व की असली परीक्षा शुरू
नितिन नवीन के लिए यह पद सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। पार्टी को उनसे अपेक्षा है कि वे दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और शहरी निकाय चुनावों में ठोस प्रदर्शन करें। पहले ही दिन लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि उनका कार्यकाल तेज़, निर्णायक और चुनाव-केंद्रित रहने वाला है।
आने वाले महीनों में विधानसभा और नगर निकाय चुनाव यह तय करेंगे कि भाजपा का यह युवा प्रयोग कितना सफल साबित होता है।
Do Follow us : https://www.youtube.com/results?search_query=livebihar

