पाकिस्तानी युवती को मिली जमानत, ढाई साल बाद रिहा सीतामढ़ी जेल में थी, प्रेमी बना जमानतदार; कोर्ट ने दी साथ रहने की इजाजत

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सीतामढ़ी, संवाददाता
सीतामढ़ी जेल में दो साल सात महीने बिताने के बाद पाकिस्तानी युवती खादिजा नूर को शर्त के साथ हाइकोर्ट से जमानत मिल गई है। आंध्र प्रदेश के हैदराबाद निवासी उसका प्रेमी सैयद हैदर ने जमानतदार बनकर उसे छुड़ाया है।
खादिजा नूर पाकिस्तान के फैसलाबाद मदीना टाउन की रहने वाली है। वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए दुबई और नेपाल होते हुए भारत आई थी। 8 अगस्त 2022 को भिट्ठा मोड़ बॉर्डर पर बिना वीजा के प्रवेश करते हुए पकड़ी गई थी।
कोर्ट ने खादिजा को कुछ शर्तों के साथ रिहा किया है। मुकदमे के निष्पादन तक उसे सीतामढ़ी में ही रहना होगा। प्रेमी को हर महीने कोर्ट और स्थानीय थाने में हाजिरी लगानी होगी। कोर्ट ने दोनों को साथ रहने की इजाजत दी है। सुरक्षा के लिए सैयद हैदर का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।
वकील सेराज अहमद के अनुसार, खादिजा को केवल वीजा न होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। अब तक की जांच में भारत विरोधी कोई गतिविधि का सबूत नहीं मिला है। बता दें कि खादिजा को अक्टूबर 2022 में जमानत मंजूर हुई थी, लेकिन जमानतदार न मिलने और कागजी कार्रवाई में देरी के कारण वह जेल में ही थी।
खादिजा पहले दुबई, फिर नेपाल गई और बिहार में भारत-नेपाल सीमा के रास्ते प्रेमी से मिलने के लिए जा रही थी। पाकिस्तानी युवती की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई होती रही। आखिरकार खादिजा को 18 अक्टूबर, 2022 को जमानत दे दी गई, लेकिन जमानतदार की समस्या व कागजी दांव-पेच के कारण खादिजा को जेल में ही रहना पड़ा। मामला हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट के निर्देश पर खादिजा का प्रेमी हैदराबाद से सीतामढ़ी पहुंचकर जमानतदार बना। कोर्ट ने प्रेमी सैयद हैदर का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। अब खादिजा प्रेमी के साथ रह सकेगी।

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