जमुई, संवाददाता
जमुई के गिद्धौर प्रखंड के सिमरिया महादलित टोला में नल जल योजना की वास्तविकता सामने आई है। जहां पिछले दो साल से करीब 200 परिवार पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव में पानी की टंकी और पाइपलाइन मौजूद है। लेकिन पाइपलाइन से पानी बेहद धीमी गति से टपकता है। ग्रामीणों को इस पानी को गड्ढों में जमा करना पड़ता है। फिर छानकर इसका इस्तेमाल करते हैं।
यही पानी पीने से लेकर बर्तन धोने तक के काम आता है। टोले में कई नल लगे हैं, पर वे महज दिखावे की वस्तु बन कर रह गए हैं। आधा दर्जन से ज्यादा हैंडपंप भी लगे हैं। इनमें से किसी से भी पानी नहीं निकलता। कुछ हैंडपंप तो ग्रामीणों ने बोरे से ढक दिए हैं। केवल बरसात में कभी-कभार इनसे पानी निकलता है। लगभग 800 की आबादी वाले इस गांव के अधिकतर युवा रोजगार के लिए पलायन कर चुके हैं। स्थानीय महिला लालमुनि देवी ने बताया कि मजबूरी में यह पानी पीना पड़ता है। दो साल से यही स्थिति है, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
पिंकी देवी ने बताया कि पड़ोसियों से पानी मांगने पर एक-दो बाल्टी मिल जाता है, उसके बाद वे नाराज हो जाते हैं। यह हालात सरकार के घर-घर नल से जल पहुंचाने के दावों की पोल खोलते हैं। गांव के पंकज मांझी ने बताया कि यह स्थिति दो साल से है। गांव में लगभग 200 घर हैं, हर घर की स्थिति यही है। अधिकारियों को शिकायत को लेकर उन्होंने कहा कि अकेले शिकायत करने से कोई सुनेगा नहीं, सारे लोग इकट्ठा होकर अगर इसकी शिकायत करेंगे तो सुनेगा,लेकिन हम लोग गए ही नहीं। उन्होंने कहा कि गर्मी आने वाला है।
पानी की कुछ व्यवस्था हो जाए तो हम लोगों को थोड़ी राहत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि गंदे पानी पीने से बच्चे बीमार भी पड़ते है। दो चापाकल सड़क के पास है लेकिन वहां जाने में बहुत दिक्कत होती है। वहां से पानी लाने में दूसरे लोगों से झगड़ा भी होता है। कार्यपालक अभियंता प्रिंस कुमार ने बताया कि अभी तक इस तरह का कंप्लेंट हमारे पास नहीं आया है। मीडिया से जानकारी मिली कि कोल्हुआ पंचायत के वार्ड नंबर 10 में 10 से 12 घरों में पानी जा रहा है। लेकिन एक से दो दिनों के अंदर जो भी समस्या है उसे ठीक करके सभी घरों में पानी पहुंचाएंगे।
महादलित टोले में पानी के लिए तरस रहे दो सौ घर के लोग नल जल योजना की जमुई में खुली पोल, गड्ढों में जमा कर पी रहे पानी
