मुजफ्फरपुर, संवाददाता
मुजफ्फरपुर में गुरुवार की तड़के एक अजीब मामला सामने आया। यहां एक ऑटो में तीन महीने की बच्ची को किसी ने छोड़ दिया। बच्ची जब भूख की वजह से रोने लगी तो आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई। आसपास के लोगों ने पूछताछ की लेकिन किसी ने बच्ची को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मामला जिले के औराई थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, जिले के औराई थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रेमचंद पांडा के बेटे सुधीर पांडा ऑटो चला कर अपना जीवन यापन करते हैं। बुधवार की रात वो साहू चौक के समीप अपना टेंपू खड़ा कर घर चले गए। सुबह होने पर टेम्पू से एक बच्ची के रोने की आवाज आने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि किसी ने ऑटो के पिछले हिस्से में एक बच्ची को रख दिया है, जो लगातार रो रही थी।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरा का फायदा उठा कर किसी ने ऑटो में बच्ची को रख दिया होगा। बच्ची तीन से चार महीना की लग रही है। उसके पास खाने पीने का सामान भी रखा गया है। इससे प्रतीत होता है कि किसी ने जानबूझकर ऐसा किया है। जब बच्ची को ऑटो में रखा गया तो वो सो रही होगी। जब उसकी नींद खुली तब वो रोने लगी जिसके बाद लोगों को जानकारी हुई। शायद किसी मजबूरी के कारण मां ने ऐसा कदम उठाया होगा।
ग्रामीणों का कहना बच्ची बहुत मासूम है। उसके पहनावा से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वो किसी अच्छे घर से है। कुछ ग्रामीण बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर कर रहे है। उनका कहना है कि अगर पुलिस इजाजत देगी तो हम लोग इस बच्ची का पालन पोषण करने के लिए तैयार है।
ग्रामीण एसपी विद्या सागर ने बताया कि औराई थाना क्षेत्र में एक टेंपो के पिछले हिस्से में मासूम बच्ची मिली है। उसके रोने के बाद ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली। पुलिस मौके पर गई हुई है। मामले की तफ्तीश की जा रही है।
ऑटो में मिली बच्ची के मामले की पुलिस कर रही जांच बच्ची को गोद लेने के लिए ग्रामीण तैयार, पुलिस कर रही माता-पिता की तलाश
